कालाबाजारी पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
एक दिन में 22 हजार से अधिक किसानों को मिली 52 हजार से ज्यादा बोरी यूरिया, तीन लाइसेंस निलंबित और एक खाद भंडार सील
बाराबंकी, 23 जुलाई।
बाराबंकी जिले में पिछले कई दिनों से उर्वरक वितरण में बाधा बन रही पीओएस (POS) मशीनों की सर्वर समस्या गुरुवार को दूर हो गई। इसके बाद सहकारी समितियों और निजी बिक्री केंद्रों पर यूरिया का वितरण फिर से सामान्य हो गया। जिला कृषि अधिकारी राजित राम ने मुबारकपुर और दनियालपुर समितियों का निरीक्षण कर पीओएस मशीनों से हो रहे वितरण का सत्यापन किया।
जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, शाम पांच बजे तक जिले की 105 पैक्स एवं सहकारी समितियों के माध्यम से 4,251 किसानों को 13,153 बोरी यूरिया वितरित की गई। वहीं 787 निजी बिक्री केंद्रों से 17,938 किसानों को 39,443 बोरी यूरिया उपलब्ध कराई गई। इस प्रकार एक ही दिन में 22,189 किसानों को कुल 52,596 बोरी यूरिया वितरित की गई।
उन्होंने बताया कि जिले में फिलहाल 4,89,292 बैग यूरिया का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। किसानों से अपील की गई है कि वे अपनी फार्मर रजिस्ट्री या भूमि अभिलेख के अनुसार आवश्यकतानुसार ही उर्वरक प्राप्त करें, ताकि सभी किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके।
पीओएस में दिक्कत होने पर जारी किए निर्देश
प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि यदि पीओएस मशीन में तकनीकी समस्या आती है तो मशीन को रीस्टार्ट कर दोबारा लॉगिन करें। यदि इसके बाद भी समस्या बनी रहती है तो तत्काल कंट्रोल रूम अथवा संबंधित थोक विक्रेता को सूचना दें।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
उर्वरक वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर तहसीलवार अधिकारियों को निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी क्रम में रामनगर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान अनियमितता मिलने पर मेसर्स दीक्षित खाद भंडार, दुर्गा खाद भंडार और बिंदु कुमार अग्रवाल के उर्वरक विक्रय प्राधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए।
इसके अलावा, अधिक कीमत पर यूरिया बेचने की शिकायत मिलने पर भैरमपुर स्थित मेसर्स अब्दुल हाई खाद भंडार की जांच में स्टॉक में गड़बड़ी और किसानों के बयानों के आधार पर दुकान व गोदाम को सील कर दिया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी की अनुमति के बाद संबंधित विक्रेता के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली, टैगिंग या किसी भी प्रकार की कालाबाजारी करने वाले उर्वरक विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।







