देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान समेत 16 राज्यों में रविवार को बारिश को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम सिस्टम का असर मध्य भारत से लेकर उत्तर भारत तक दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में तेज बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और निचले क्षेत्रों में पानी भरने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा से लगे चित्रकूट में हालात सबसे ज्यादा चिंताजनक बताए जा रहे हैं। लगातार कई घंटों तक हुई बारिश के बाद मंदाकिनी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी के आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। प्रशासन की ओर से नदी और घाटों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दूसरी ओर दिल्ली-NCR में पिछले कुछ दिनों से बारिश थमी हुई थी, लेकिन रविवार को मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश की संभावना जताई है। पहाड़ी राज्यों में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।
30 अगस्त को इन राज्यों में बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक रविवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, कर्नाटक और तेलंगाना में बारिश हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम और इसके प्रभाव से उत्तर-पश्चिम भारत तक मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मध्य भारत के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में भी मानसून की सक्रियता बनी हुई है, जिसके कारण तापमान में गिरावट देखने को मिल रही है।
चित्रकूट में मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा
मध्य प्रदेश के विंध्य और बुंदेलखंड क्षेत्रों में लगातार बारिश ने कई जिलों की चिंता बढ़ा दी है। चित्रकूट, सतना, छतरपुर, टीकमगढ़ और पन्ना में कई जगह जलभराव की स्थिति सामने आई है। लगातार बारिश के कारण स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का पानी तेजी से ऊपर आया है। नदी के आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा देखते हुए प्रशासन ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील की है। घाटों के आसपास जाने से बचने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव के लिए NDRF तथा SDRF की टीमें भी सक्रिय हैं। रविवार को भी कई इलाकों में तेज बारिश का पूर्वानुमान है।
बिहार में नदियों का बढ़ रहा जलस्तर
बिहार में भी बारिश के साथ नदियों का बढ़ता जलस्तर चिंता का कारण बना हुआ है। नेपाल में हुई भारी बारिश और बाढ़ का असर राज्य की कुछ नदियों पर भी पड़ा है। गंगा और गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी के बीच कई जिलों को सतर्क किया गया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान पटना, गया, भोजपुर, सिवान, वैशाली, भागलपुर, दरभंगा, पूर्णिया और मुजफ्फरपुर समेत कई क्षेत्रों में बारिश का अनुमान जताया है। पटना के दीघा घाट इलाके में नदी का पानी काफी ऊपर पहुंच चुका है। ऐसे में लोगों को नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है।
यूपी के कई जिलों में बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश में भी बारिश का असर कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। रविवार को प्रयागराज, वाराणसी, उन्नाव, गोरखपुर, देवरिया, सोनभद्र, कुशीनगर, मिर्जापुर, मथुरा, आगरा, गाजियाबाद और मेरठ समेत कई जिलों में बारिश होने का अनुमान है। उन्नाव में पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई, जिसके बाद शहर के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया। कुछ स्थानों पर सड़कों पर जलभराव इतना अधिक रहा कि लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। लगातार बारिश के कारण नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
दिल्ली-NCR में फिर हो सकती है बारिश
दिल्ली-NCR के लोगों को उमस से राहत मिल सकती है। राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से बारिश का दौर कमजोर पड़ा था, जिसके कारण तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हुई। अब रविवार को मौसम में बदलाव के संकेत हैं। दिल्ली के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
उत्तराखंड और हिमाचल में भी मौसम खराब
पहाड़ी राज्यों में बारिश के कारण परेशानी बनी हुई है। उत्तराखंड के देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, चमोली, नैनीताल और अल्मोड़ा समेत कई इलाकों में रविवार को भी तेज बारिश हो सकती है। शनिवार को हुई बारिश के बाद कई क्षेत्रों में हालात प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश के शिमला, सोलन, मंडी और बिलासपुर में भी बारिश का पूर्वानुमान है। दोनों राज्यों में बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं। यात्रियों को मौसम की स्थिति देखकर ही पहाड़ी इलाकों में सफर करने की सलाह दी जा रही है।
सितंबर की शुरुआत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर आने वाले दिनों में भी देखने को मिल सकता है। सितंबर के शुरुआती दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है। उत्तर भारत के साथ मध्य और दक्षिणी हिस्सों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। अगर आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश जारी रहती है तो मानसून की कमी काफी हद तक पूरी होने की उम्मीद है। हालांकि, भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बना रह सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई है।






















