कुवैत में भी बढ़ा तनाव; अमेरिका ने जारी की यात्रा सलाह
नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार को ईरान ने बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा किया, जबकि अमेरिका ने अपने नागरिकों को मध्य पूर्व की यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह जारी की है। इस बीच कुवैत में ऊर्जा ढांचे को नुकसान और ईरान के कई गांवों में पेयजल संकट की खबरें भी सामने आई हैं।
बहरीन के अमेरिकी एयरबेस पर हमले का दावा
ईरानी सेना और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि बहरीन के शेख ईसा एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस हमले में विमान हैंगर, ईंधन भंडारण टैंक और अन्य सैन्य ढांचों को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
कुवैत में भी अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा
IRGC ने दावा किया कि कुवैत के कैंप अरिफजान, अल-अहमदी बंदरगाह और अन्य अमेरिकी सैन्य एवं संचार ठिकानों पर भी ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए गए। ईरान समर्थित मीडिया ने कई सैन्य सुविधाओं को नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, लेकिन इसकी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कुवैत में बिजली संयंत्र में आग, कई यूनिट बंद
ईरानी हमलों के बाद कुवैत के बिजली, जल एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि एक बिजली और समुद्री जल विलवणीकरण संयंत्र के हिस्से में आग लगने से कई उत्पादन इकाइयों को एहतियातन बंद करना पड़ा। बिजली और पानी की आपूर्ति सामान्य बनाए रखने के लिए आपातकालीन व्यवस्था लागू कर दी गई है।
ईरान के 20 गांवों में पेयजल संकट
ईरान के होर्मोजगान प्रांत के जास्क क्षेत्र में अमेरिकी हमले के बाद जल विलवणीकरण संयंत्र और समुद्री जल पंपिंग स्टेशन के क्षतिग्रस्त होने से लगभग 20 गांवों के करीब 10 हजार लोग पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों ने अमेरिकी कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे गंभीर मानवीय संकट बताया है।
कुवैत एयरपोर्ट पर उड़ानें अस्थायी रूप से बंद
बढ़ते सुरक्षा खतरे को देखते हुए कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर टेकऑफ और लैंडिंग अस्थायी रूप से रोक दी गई है। कुवैत एयरवेज ने यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और नए यात्रा कार्यक्रम की जानकारी लेने की सलाह दी है।
इराक ने वैकल्पिक तेल निर्यात मार्ग पर बढ़ाए कदम
इराक ने पश्चिमी ऊर्जा कंपनियों के साथ कई महत्वपूर्ण प्रारंभिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें किर्कुक से सीरिया के बनियास बंदरगाह तक बंद पड़ी तेल पाइपलाइन के पुनर्निर्माण की योजना शामिल है। इस परियोजना का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य पर निर्भरता कम करना और तेल निर्यात के वैकल्पिक मार्ग विकसित करना है।
अमेरिका ने नागरिकों को जारी की एडवाइजरी
अमेरिकी विदेश विभाग ने क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अपने नागरिकों को मध्य पूर्व की यात्रा पर पुनर्विचार करने की सलाह दी है। साथ ही, जो अमेरिकी पहले से इस क्षेत्र में मौजूद हैं, उन्हें स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और अपनी उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करते रहने को कहा गया है।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
पश्चिम एशिया में हालात लगातार बदल रहे हैं। ईरान और IRGC द्वारा किए गए कई सैन्य दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है, जबकि क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ा, तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी पड़ सकता है।






