अयोध्या। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र परिसर के आसपास वर्ष 2021 में हटाए गए मकानों के प्रभावित परिवारों को अब तक मुआवजा एवं पुनर्वास नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए सामाजिक कार्यकर्ता राजेश सिंह मानव ने प्रशासन और सरकार से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में राजेश सिंह मानव ने आरोप लगाया कि श्रीरामजन्मभूमि परिसर के पास जिन लोगों के मकान हटाए गए थे, उनमें कई परिवार आज भी मुआवजे और पुनर्वास से वंचित हैं। उन्होंने दावा किया कि हरिप्रसाद यादव, संतोष यादव, रामआधार यादव सहित कई प्रभावित परिवारों को अब तक कोई आर्थिक सहायता नहीं मिली है और वे किराये के मकानों में रहने को मजबूर हैं।
राजेश सिंह मानव ने सरकार से मांग की कि ऐसे सभी प्रभावित परिवारों का सर्वे कराकर उन्हें भूमि उपलब्ध कराई जाए तथा मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता दी जाए। उनका कहना था कि विकास कार्यों के कारण विस्थापित हुए लोगों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
हालांकि, मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार जिन व्यक्तियों का उल्लेख किया जा रहा है, उनमें से संबंधित व्यक्ति नजूल भूमि पर कब्जे में था। ऐसे मामलों में मुआवजा या पुनर्वास का निर्धारण शासन की लागू नीति, भूमि की प्रकृति तथा पात्रता के आधार पर किया जाता है।
प्रेसवार्ता के दौरान राजेश सिंह मानव ने श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महामंत्री चंपत राय पर भी आरोप लगाए और उनसे सार्वजनिक जीवन से अलग होने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को सभी वास्तविक पीड़ितों की पहचान कर उन्हें उचित राहत प्रदान करनी चाहिए।
वहीं, प्रभावित परिवारों ने दावा किया कि वर्ष 2021 से अब तक उन्हें न तो मुआवजा मिला है और न ही स्थायी आवास की व्यवस्था की गई है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र न्याय दिलाने और पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की।
फिलहाल, मुआवजा न मिलने के आरोपों तथा पात्रता संबंधी दावों पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है








