प्रयागराज। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा आयोजित जूनियर असिस्टेंट (3284 पद) भर्ती परीक्षा की संशोधित उत्तर कुंजी को लेकर अभ्यर्थियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि आयोग ने उनकी आपत्तियों पर अब तक कोई स्पष्ट एवं आधिकारिक प्रत्युत्तर नहीं दिया है। ऐसे में अभ्यर्थी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय की शरण लेने की तैयारी कर रहे हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार आयोग द्वारा जारी संशोधित उत्तर कुंजी में प्रश्न संख्या 4, 6 एवं 72 के उत्तर परिवर्तित कर दिए गए, जबकि उनके अनुसार पूर्व में दिए गए उत्तर प्रमाणिक पुस्तकों एवं मान्य स्रोतों के अनुरूप सही थे। उनका कहना है कि संशोधित उत्तर कुंजी जारी करने के बाद आयोग ने अभ्यर्थियों से पुनः आपत्तियाँ आमंत्रित नहीं कीं, जिससे उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिल सका। अभ्यर्थी इसे प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत मान रहे हैं।
इस संबंध में अमरनाथ गुप्ता, अतुल तिवारी एवं कृष्णा ओझा ने अभ्यर्थियों के साथ 15 जून एवं 18 जून को आयोग पहुँचकर अधिकारियों को पूरे प्रकरण से लिखित रूप में अवगत कराया। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की ओर से जारी कर एक सप्ताह के भीतर जवाब देने का आश्वासन दिया गया था, किंतु आज तक कोई आधिकारिक प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं हुआ है।
इसी क्रम में प्रयागराज में अविनाश कुमार, अभय मेहता, पुलकित मिश्रा, गौरव सहित अन्य अभ्यर्थियों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में आयोग की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए आगे की विधिक रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आयोग इन विवादित प्रश्नों का संतोषजनक समाधान किए बिना परिणाम घोषित करता है, तो वे अपने संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए बाध्य होंगे।मीटिंग में अविनाश चौधरी,
अभय मेहता, गौरव , पुलकिल मिश्रा,पुष्पराज सिंह, ममता, शिखा , गगन , शिव प्रताप आदि उपस्थित रहें।








