प्रेस क्लब में उठाई आवाज, साइबर थाना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल, जांच ट्रांसफर की मांग
गोरखपुर। गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में भानु प्रताप पाण्डेय ने अपने साथ हुई करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी का गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे वह और उनका परिवार मानसिक व आर्थिक रूप से परेशान है।
पीड़ित ने बताया कि उनका बैंक खाता एक्सिस बैंक में है, जिसमें उनकी जमा पूंजी थी। इसी दौरान कुछ लोगों ने खुद को बैंक/पॉलिसी से जुड़ा बताते हुए उनसे संपर्क किया और भरोसे में लेकर अलग-अलग माध्यमों से बड़ी रकम ट्रांसफर करा ली। धीरे-धीरे यह रकम करोड़ों तक पहुंच गई।
भानु प्रताप पाण्डेय के अनुसार, जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ तो उन्होंने संबंधित बैंक अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन वहां से भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने 10 अप्रैल 2024 को साइबर थाना गोरखपुर में एफआईआर दर्ज कराई।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने शुरुआती जांच में एक संदिग्ध को पकड़ने का दावा करते हुए दिल्ली तक दबिश दी और व्यक्ति को हिरासत में लेकर गोरखपुर भी लाया गया, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। इस कार्रवाई के बाद से जांच ठंडे बस्ते में चली गई है।
पीड़ित का कहना है कि वह कई बार साइबर थाना और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें केवल “जांच जारी है” कहकर टाल दिया जाता है। उन्हें अब तक न तो अपनी रकम वापस मिली और न ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हुई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के चलते कार्रवाई प्रभावित हो रही है। पीड़ित ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी जैसे सीबीआई या अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) से कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके।
प्रेस वार्ता के दौरान पीड़ित ने शासन-प्रशासन से अपील की कि उनके मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द न्याय दिलाया जाए और भविष्य में ऐसे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।








