आदर्श प्रकाश सिंह
हिन्दी पत्रकारिता के क्षेत्र में माखनलाल चतुर्वेदी जी का नाम बड़े आदर के साथ लिया जाता है. उनका जन्म 4 अप्रैल 1889 को खंडवा में हुआ था. माखनलाल जी मूल रूप से कवि थे. लोकमान्य तिलक को उन्होंने अपना आदर्श माना. पंडित माधवराव सप्रे को वह अपना गुरु मानते थे. राष्ट्रवाद ही उनका सजातीय भाव था जो उनकी पत्रकारिता और साहित्य में अभिव्यक्त हुआ है. अप्रैल 1913 में माखनलाल जी ने ‘ प्रभा’ नामक पत्र का संपादन किया. जबलपुर से उन्होंने 17 जनवरी 1920 को कर्मवीर नामक अखबार का प्रकाशन किया. संपादक के साथ साथ वे राष्ट्रीय धारा के प्रमुख कवि और स्वतंत्रता संग्राम के तपोनिष्ठ सेनानी भी थे. 1922 में जबलपुर का कर्मवीर बंद हो गया. 4 अप्रैल 1925 को उन्होंने खंडवा से कर्मवीर का पुनः संपादन और प्रकाशन आरंभ किया. आजादी की अलख जगाने में इस पत्र का बड़ा योगदान रहा है।
1963 में माखनलाल चतुर्वेदी जी को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया, हिन्दी में पहला साहित्य अकादमी पुरस्कार उन्हें 1955 में मिला. 30 जनवरी 1968 को उनका निधन हो गया. भोपाल में माखनलाल चतुर्वेदी जी के नाम पर 1992 में पत्रकारिता एवं जन संचार विश्व विद्यालय की स्थापना की गई. आज यह विश्वविद्यालय मीडिया शिक्षा का एक प्रमुख केन्द्र बन चुका है.




