लोकतंत्र सेनानियों का हुआ सम्मान
एटा। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय एटा पर गुरुवार को आपातकाल दिवस (काला दिवस) के अवसर पर संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस दौरान वर्ष 1975 में लागू किए गए आपातकाल को लोकतंत्र का काला अध्याय बताते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोकतंत्र सेनानियों (मीसा बंदियों) को अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आपातकाल के दौरान देश में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ था। उस कठिन दौर में अनेक लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष किया, जिनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि उस समय नागरिक अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए गए, प्रेस की स्वतंत्रता सीमित की गई और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों और जेल यातनाओं के बावजूद लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प नहीं छोड़ा। उनका संघर्ष और त्याग आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक मूल्यों के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
बैठक में भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के उपलक्ष्य में 23 जून से 6 जुलाई तक प्रस्तावित संगठनात्मक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई। संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक सशक्त एवं सक्रिय बनाने पर विशेष बल दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्रहित, समाजहित और संगठन हित में निष्ठापूर्वक कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला महामंत्री सुशील गुप्ता, संतोष चौहान, ब्लॉक प्रमुख शीतलपुर पुष्पेंद्र लोधी, नगर पंचायत अवागढ़ अध्यक्ष महेशपाल सिंह, नगर पंचायत जैथरा अध्यक्ष विवेक गुप्ता, राहुल गुप्ता एडवोकेट, नीलम चौहान, बबीता दिवाकर, कुशल खितौलिया, अखिलेश सिंह राठौर, गजेंद्र शर्मा, नितिन गुप्ता, राजीव चौहान, अतर सिंह वर्मा, राजेश सरानी, अम्बरीष सिकरवार, अंशुल चौहान, अमित गुप्ता, विजय मिश्रा, अंकित चौहान, राधेश्याम धनगर, शिशुपाल सिंह यादव, डोली सक्सेना, देवेंद्र भदौरिया, वेदप्रकाश यादव, युवराज सिंह, केशव राणा, जितेन्द्रपाल सिंह राघव, विनय वर्मा, आशु ठाकुर, आनंद गुप्ता, सुमित चौहान, राजवीर सिंह, भानेंद्र चौहान, मुकेश राजपूत, प्रवीन शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।








