गौरीगंज, अमेठी। भीषण गर्मी में राहत के लिए तहसील आने वाले फरियादियों को दूषित और बदबूदार पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। अमेठी जनपद के गौरीगंज तहसील की दूसरी मंजिल पर स्थित पानी की टंकी बदहाली की मिसाल बन गई है। टंकी का ढक्कन खुला पड़ा है, अंदर कचरा तैर रहा है और आसपास गंदगी का अंबार लगा है। दीवारों पर जगह-जगह गुटखा थूका गया है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसी गंदी टंकी से वाटर कूलर में पानी की सप्लाई की जा रही है। गर्मी से बेहाल होकर पानी पीने आने वाले लोग यह नहीं जानते कि वे नाले जैसे पानी को गटक रहे हैं। कई फरियादियों ने बताया कि पानी में अजीब सी बदबू और कचरा तैरता दिखता है, लेकिन प्यास के मारे मजबूरी में पीना पड़ता है।
अधिवक्ताओं ने इस लापरवाही पर कड़ा एतराज जताया है। उनका आरोप है कि सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी अधिकारियों के निजी कामों में लगी है, इसीलिए तहसील परिसर की साफ-सफाई और टंकी की देखरेख नहीं हो पा रही। हालात इतने खराब हैं कि बीमारी के डर से तहसील में तैनात कर्मचारी और अधिकारी भी खुद के लिए बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि खुले में रखी टंकी में धूल, पत्ते और कीड़े-मकोड़े गिर रहे हैं। ऊपर से गर्मी के कारण पानी और भी दूषित हो रहा है। ऐसे में डायरिया, टाइफाइड और अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। फरियादी रामलखन ने कहा, “यहां 10-10 किलोमीटर दूर से लोग आते हैं। गर्मी में एक गिलास पानी को तरस जाते हैं। ऊपर से यह गंदा पानी दे रहे हैं। क्या प्रशासन को हमारी जान की कोई कीमत नहीं है? अधिवक्ताओं ने मांग की है कि टंकी की तत्काल सफाई कराई जाए, ढक्कन लगाया जाए और वैकल्पिक व्यवस्था के तहत शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो यह लापरवाही किसी बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है।








