प्रतिबंधित मार्ग पर बाइक चढ़ाने के बाद हुआ था हादसा, घायल साथी ने भी इलाज के दौरान तोड़ा दम
नवाबगंज (उन्नाव)। लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर प्रतिबंध के बावजूद बाइक लेकर चढ़ने के दौरान हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले हिमांशु सिंह (25) अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। गुरुवार को उसका शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोहरामऊ थाना क्षेत्र के अर्जुनामऊ गांव निवासी हिमांशु सिंह वेयरहाउस में मजदूरों की सप्लाई का काम करता था। उसके पिता खेती-बाड़ी करते हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से हिमांशु के कंधों पर थी।
जानकारी के अनुसार, बुधवार सुबह हिमांशु अपने दोस्त शैलेंद्र सिंह (24) निवासी संडीला, हरदोई के साथ कार से मोहनलालगंज गया था। वहां कार खड़ी करने के बाद दोनों बाइक से लखनऊ गए। लौटते समय वे दरोगाखेड़ा के पास से लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर बाइक लेकर चढ़ गए, जबकि इस मार्ग पर दोपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।
एलिवेटेड एक्सप्रेसवे पर लखनऊ क्षेत्र में किसी वाहन की टक्कर से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची बंथरा पुलिस ने दोनों को सरोजनीनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां से उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर किया गया। इलाज के दौरान पहले हिमांशु सिंह और बाद में उसके साथी शैलेंद्र सिंह ने भी केजीएमयू, लखनऊ में दम तोड़ दिया।
गुरुवार को हिमांशु का शव गांव पहुंचते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। इकलौते बेटे की मौत से मां रजनी और बहन गहरे सदमे में हैं। देर शाम शुक्लागंज घाट पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया।







