बोलीं- ‘न्याय नहीं दिला सकते तो तिल-तिल मरने के लिए न छोड़ें’
तिहाड़ जेल में बंद चाचा के दो दिन से भूख हड़ताल पर होने का दावा, कानूनी अधिकारों से वंचित करने का लगाया आरोप
उन्नाव। पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से जुड़े चर्चित दुष्कर्म मामले की पीड़िता ने प्रधानमंत्री, न्यायपालिका और देशवासियों के नाम खुला पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए इस पत्र में पीड़िता ने दावा किया है कि तिहाड़ जेल में बंद उनके चाचा पिछले दो दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विचाराधीन बंदी होने के बावजूद उनके चाचा को कानूनी लड़ाई लड़ने के अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
पीड़िता ने पत्र में लिखा है कि उनके लिए न्याय की लड़ाई लड़ने वाले चाचा को विभिन्न मुकदमों में फंसाकर पिछले सात-आठ वर्षों से जेल में रखा गया है। उनका कहना है कि चाचा अपने संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर हैं।
पत्र में उन्होंने भावुक अपील करते हुए लिखा, “अगर मेरे और मेरे परिवार के हिस्से में न्याय नहीं लिखा है तो हमें तिल-तिल मरने के लिए न छोड़ें।” उन्होंने मांग की कि उनके चाचा के साथ हुए कथित अन्याय की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तिहाड़ जेल में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और पूरे परिवार को संवैधानिक संरक्षण प्रदान किया जाए।
पीड़िता ने कहा कि वह किसी प्रकार की कृपा नहीं, बल्कि संविधान द्वारा प्रत्येक नागरिक को दिए गए न्याय के अधिकार की मांग कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दुष्कर्म की घटना ने केवल उनकी अस्मिता ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार का जीवन प्रभावित किया है। पत्र में यह भी दावा किया गया है कि घटना के बाद उनके पिता की हत्या कर दी गई और परिवार लगातार आर्थिक, मानसिक, सामाजिक तथा शारीरिक प्रताड़ना झेल रहा है।
हालांकि, पत्र में किए गए दावों, जिनमें तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल और अन्य आरोप शामिल हैं, की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।







