परिजनों ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, कार्रवाई तक अंतिम संस्कार से इनकार
पूछताछ के लिए थाने बुलाए गए 26 वर्षीय युवक की मौत के बाद बढ़ा विवाद, पुलिस ने बीमारी से मौत बताई, परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की
लखीमपुर खीरी। जिले के शारदानगर थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में 26 वर्षीय युवक की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचने पर परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जब तक मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, मूलचंद पुरवा निवासी शिवकुमार (26) को पुलिस ने एक युवती से फोन पर बातचीत की शिकायत के आधार पर पूछताछ के लिए थाने बुलाया था। बताया गया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाने के बावजूद पुलिस ने शिवकुमार का भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 151 के तहत चालान कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले उन्हें फोन कर जमानत कराने के लिए कहा और बाद में युवक की तबीयत खराब होने की सूचना दी। उनका दावा है कि कुछ देर बाद शिवकुमार का शव खंभारखेड़ा के पास सड़क किनारे मिला। परिजनों के अनुसार, शव के मुंह से झाग जैसा पदार्थ निकल रहा था।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने मामले में ₹25,000 की मांग की थी। उनका कहना है कि यदि यह रकम दे दी जाती तो शिवकुमार की जान बच सकती थी। हालांकि, इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
युवक की मौत के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचते ही परिजनों और ग्रामीणों ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई तथा निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिवकुमार को शिकायत के आधार पर पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। पूछताछ के बाद उसका चालान कर मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें वह स्वस्थ पाया गया। इसके बाद न्यायालय ले जाते समय रास्ते में उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। पुलिस के अनुसार, उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
फिलहाल मामले को लेकर तनाव बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि मौत के कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा, जबकि परिजन निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।







