अरबों की लागत से बना लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे उद्घाटन के कुछ समय बाद ही बदहाली का शिकार हो गया है। एनबीटी की ग्राउंड रिपोर्ट के मुताबिक, लखनऊ से कानपुर जाने वाला रास्ता तो ठीक है, लेकिन कानपुर से लखनऊ की ओर आने वाले रूट पर करीब 15 जगहों पर सड़क बुरी तरह खराब हो चुकी है। हालात इतने बिगड़े हुए हैं कि 7 जगहों पर पूरी सड़क उखाड़कर नए सिरे से बनाई जा रही है, जबकि 8 जगहों पर पैच वर्क और मरम्मत का काम चल रहा है। जगह-जगह डामर और गिट्टी अलग होने के कारण बैरिकेड्स लगाकर वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा रहा है।
IIT रिपोर्ट में हुआ वजहों का खुलासा
एक्सप्रेसवे के अचानक धंसने और टूटने के पीछे NHAI और IIT की रिपोर्ट में मुख्य वजह खराब लेवलिंग और सड़क के भीतर पानी के रिसने को बताया गया है। पानी जमा होने के कारण कई स्थानों पर सड़क की नींव कमजोर हो गई और शोल्डर बह गए। अब जलजमाव को रोकने के लिए अंडरपास और नाली के आसपास मशीनों से ड्रिलिंग करके पानी निकालने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि पानी सीधे सड़क के अंदर घुसने के बजाय बाहर रिसकर निकल जाए। साथ ही मिट्टी डालकर शोल्डरों को दोबारा मजबूत किया जा रहा है।
NHAI और यूपी सरकार की टीमें तैनात
एक्सप्रेसवे पर मची किरकिरी के बाद एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सरकार की टीमें भी मौके पर उतर आई हैं। किमी-28 से लेकर किमी-68 तक लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और जहां-जहां काम चल रहा है, वहां अधिकारियों की मौजूदगी में मरम्मत हो रही है। अधिकारियों का पूरा जोर अब ड्रेनेज सिस्टम और रोड लेवलिंग को दुरुस्त करने पर है, ताकि बारिश के समय सड़क पर पानी न रुके और भविष्य में सड़क को दोबारा धंसने से बचाया जा सके।
एक लेन बंद, ट्रैफिक का भारी दबाव
मरम्मत कार्य के चलते कई किलोमीटर तक एक्सप्रेसवे पर एक लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किमी 60.2 और किमी 64 जैसे इलाकों में आधी सड़क उखाड़कर बनाई जा रही है, जिससे ट्रैफिक एक ही लेन पर डायवर्ट कर दिया गया है। इसकी वजह से कानपुर से लखनऊ आने वाले यात्रियों को झटके और लंबे जाम का सामना करना पड़ रहा है। लगातार भारी वाहनों की आवाजाही और एक तरफा ट्रैफिक चलने की वजह से चालू लेन पर भी दबाव बढ़ गया है।






















