बहराइच। जिले में पिछले दिनों आई तेज आंधी-तूफान और अतिवृष्टि से प्रभावित विद्युत व्यवस्था को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में डीएम ने विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से नाराजगी जताते हुए स्पष्ट निर्देश दिया कि प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जाए, ताकि गर्मी और बारिश के बीच लोगों को राहत मिल सके।
जिलाधिकारी ने अधीक्षण अभियंता विद्युत को निर्देश दिया कि मरम्मत कार्य में जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त मानव और तकनीकी संसाधन लगाए जाएं। उन्होंने सभी मजरों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के साथ मरम्मत और अनुरक्षण कार्य की रोजाना निगरानी करने को कहा। खेतों में गिरे बिजली के पोलों को हटाने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए संबंधित अवर अभियंता और ग्राम प्रधानों को किसानों व ग्रामीणों से समन्वय कर सहयोग लेने के निर्देश भी दिए गए।
अधीक्षण अभियंता नवीन चन्द्र प्रसाद ने बताया कि आंधी-तूफान और अतिवृष्टि के कारण जिले में विद्युत ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। करीब 4,168 बिजली के पोल और 474 विद्युत ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में गिरे पेड़ों को हटाने, नए पोल लगाने और खराब ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए 17 टीमें और 15 हाइड्रोलिक मशीनें लगाई गई हैं। जिले के 37 विद्युत उपकेंद्रों में से 35 की 33 केवी लाइन बहाल कर दी गई है, जबकि शेष दो उपकेंद्रों की 33 केवी लाइन और 11 केवी फीडरों को चालू करने का काम जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, विभिन्न विद्युत उपकेंद्रों पर चल रहे मरम्मत कार्यों का मौके पर निरीक्षण भी किया गया। रिसिया, चिरैयाटांड, रंजीतपुर, बक्शीपुरा, विशेश्वरगंज और धनुही उपकेंद्रों पर चल रहे कार्यों की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। बैठक और निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता, मुख्य राजस्व अधिकारी सौरभ दुबे, डीपीआरओ चन्द्रभान सिंह सहित विद्युत विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।





















