अयोध्या। मलूक पीठाधीश्वर एवं रेवासा धाम पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज के अयोध्या स्थित जानकी घाट बड़ा स्थान पहुंचने पर संतों और श्रद्धालुओं ने आत्मीयता के साथ उनका स्वागत किया। आश्रम पहुंचने के बाद उन्होंने माता जानकी का विधिवत पूजन-अर्चन किया और उनका आशीर्वाद लिया। जानकी घाट पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण महाराज ने उनका स्वागत करते हुए संत परंपरा के अनुरूप सम्मान किया।
श्री राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज के आगमन से जानकी घाट का माहौल आध्यात्मिक हो उठा। आश्रम में मौजूद साधु-संतों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और इस दौरान धर्म, अध्यात्म तथा समाज के विभिन्न विषयों पर चर्चा भी हुई। संतों ने कहा कि अनुभवी और तपस्वी संतों का सानिध्य समाज को संस्कार, सेवा और आध्यात्मिकता की राह दिखाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जानकी घाट पीठाधीश्वर जन्मेजय शरण महाराज ने कहा कि श्री राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज धर्म की ध्वजा को आगे बढ़ाने वाले संत हैं। उनका जीवन मानव कल्याण और समाज को आध्यात्मिक दिशा देने के लिए समर्पित है। उन्होंने कहा कि ऐसे संतों का अयोध्या आगमन केवल संत समाज के लिए ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए भी सौभाग्य का अवसर होता है। उनके आगमन से आश्रम में उत्साह के साथ सकारात्मक और भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर जानकी घाट बड़ा स्थान पर संत-महंतों के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने श्री राजेन्द्रदेवाचार्य जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद






















