संतकबीरनगर। टीशू पेपर के बंडलों के बीच गांजा छिपाकर ले जाने का मामला संतकबीरनगर में सामने आया है। कोतवाली खलीलाबाद पुलिस, एसओजी और सर्विलांस टीम ने एनएच-27 पर मगहर पुलिस चौकी के पास एक अशोका लीलैंड डीसीएम को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान सात बोरियों में छिपाकर रखा गया 167.710 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी कीमत पुलिस ने करीब 50 लाख रुपये बताई है। मौके से पंजाब के रहने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंचल सिंह निवासी आदर्श नगर, लुधियाना और राहुल निवासी बाबा जीवन सिंह नगर, लुधियाना के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों ने बताया कि गांजे की यह खेप उड़ीसा से पंजाब ले जाई जा रही थी। टीशू पेपर के बंडलों के बीच गांजा छिपाया गया था, ताकि सामान्य जांच में आसानी से पकड़ में न आए। श्रावण माह में प्रयागराज मार्ग पर कांवड़ियों की भीड़ और पुलिस चेकिंग को देखते हुए आरोपियों ने बनारस-गोरखपुर होकर पंजाब जाने का रास्ता चुना था।
कार्रवाई क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद प्रियम राजशेखर पाण्डेय के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश दुबे, एसओजी प्रभारी रजनीश राय और सर्विलांस सेल प्रभारी अजय कुमार सिंह की टीम ने की। पुलिस ने गांजे के साथ डीसीएम, तीन मोबाइल फोन, पर्स, पांच ड्राइविंग लाइसेंस, एटीएम कार्ड, पैन कार्ड और 500 रुपये भी बरामद किए हैं। वाहन के जरूरी कागजात नहीं मिलने पर उसे धारा 207 एमवी एक्ट के तहत सीज कर दिया गया। दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में आरोपियों का कोई आपराधिक इतिहास सामने नहीं आया है, हालांकि संबंधित जनपदों से जानकारी जुटाई जा रही है। इस कार्रवाई पर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने टीम का उत्साह बढ़ाते हुए 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की है। इतनी बड़ी मात्रा में गांजे की बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तस्करी के पीछे और कौन लोग जुड़े हैं और खेप को पंजाब में किसे पहुंचाया जाना था।






















