लखनऊ के पारा थाना क्षेत्र में मंगलवार को अवैध रूप से संचालित भैंसी डेयरियों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ा अभियान चलाया। भारी बारिश के बावजूद नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम पूरे इलाके में कार्रवाई करती नजर आई। नगर निगम की करीब 12 से 13 गाड़ियां अभियान में लगाई गईं, जबकि बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। डिप्टी खेड़ा से लेकर तिकुनिया तक कई इलाकों में टीमों ने पहुंचकर अवैध डेयरियों को खाली कराने और भैंसों को कब्जे में लेने की कार्रवाई शुरू की।
बताया जा रहा है कि बीते दिनों अवैध डेयरी संचालकों और नगर निगम-पुलिस टीम के बीच कार्रवाई को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान टीम के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई थी, जिसमें कुछ कर्मचारियों के हाथ-पैर में चोट लगने की बात कही गई। इसी घटना के बाद नगर निगम ने अवैध डेयरियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। लखनऊ की मेयर ने कहा कि सरकारी टीम के साथ बदसलूकी और मारपीट को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
कार्रवाई के दौरान एसीपी काकोरी शकील अहमद, पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अभिनव सहित पुलिस और नगर निगम के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई। नगर निगम के करीब 200 से 300 अधिकारी-कर्मचारियों के अभियान में जुटे होने की जानकारी सामने आई है। भारी बारिश में भी कर्मचारी डेयरियों तक पहुंचते रहे और कई जगहों से भैंसों को पकड़कर नगर निगम की गाड़ियों के जरिए भेजा गया। कार्रवाई के चलते पूरे इलाके में अफरा-तफरी और डेयरी संचालकों में हड़कंप का माहौल देखने को मिला।
स्थानीय स्तर पर लंबे समय से संचालित बताई जा रही इन अवैध डेयरियों के खिलाफ पहले भी कार्रवाई होती रही है, लेकिन मंगलवार का अभियान अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में से एक बताया जा रहा है। नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने चारों तरफ से इलाके में अभियान चलाकर डेयरी संचालन पर शिकंजा कसने की कोशिश की। बारिश के बीच कर्मचारियों का लगातार मैदान में डटे रहना इस कार्रवाई की गंभीरता को दिखाता है। फिलहाल पारा क्षेत्र में अवैध डेयरियों के खिलाफ अभियान जारी है।





















