लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर मंगलवार शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब दिल्ली जाने वाली दो नेपाली महिलाओं के बैग से 32 बोर का एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ जवानों की नजर कारतूस पर पड़ी तो दोनों महिलाओं को तुरंत रोक लिया गया। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई और मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।
बताया गया कि नेपाल में रहने वाली निर्मल थापा और आशिका लखनऊ के अलीगंज इलाके में अपने परिचित ओम नारायण के यहां किराये पर रुकी थीं। दोनों मंगलवार शाम इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट से दिल्ली जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंची थीं। बैग की जांच के दौरान कारतूस मिलने के बाद सीआईएसएफ ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में सरोजनीनगर पुलिस के हवाले कर दिया।
थाने में पूछताछ के दौरान महिलाओं ने ओम नारायण को बुलाया। पुलिस के मुताबिक, ओम नारायण ने अपने शस्त्र का लाइसेंस दिखाया और जांच में सामने आया कि बरामद कारतूस उसी का था। बताया गया कि दोनों महिलाओं के लखनऊ में ठहरने के दौरान कारतूस गलती से उनके बैग में चला गया था। पुलिस ने लाइसेंस और अन्य तथ्यों की जांच के बाद दोनों महिलाओं को छोड़ दिया।
हालांकि, एयरपोर्ट पर हुई इस पूरी कार्रवाई के चलते दोनों महिलाओं की दिल्ली जाने वाली फ्लाइट छूट गई। उन्हें वापस ओम नारायण के घर जाना पड़ा। एक छोटी सी चूक के कारण शुरू हुआ यह मामला कुछ देर के लिए एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों के बीच चिंता का कारण बन गया।





















