श्रावस्ती के जमुनहा क्षेत्र के तुलसीपुर गांव में घायल वनरोज (नीलगाय) की पानी भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वनरोज पिछले तीन दिनों से घायल अवस्था में दर्द से तड़प रहा था। घटना के बाद ग्रामीणों में वनरोज की मौत को लेकर नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों के अनुसार, वनरोज किसी वजह से घायल हो गया था और पिछले तीन दिनों से गांव के आसपास ही पड़ा हुआ था। उसकी हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। ग्रामीणों ने वनरोज की स्थिति की सूचना संबंधित पशु चिकित्सा विभाग को दी थी और उसके इलाज की मांग की थी।
ग्रामीणों ने विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद पशु चिकित्सा विभाग की टीम घायल वनरोज के इलाज के लिए दोबारा मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद स्थानीय ग्राम प्रधान और ग्रामीण ही लगातार उसकी देखभाल करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते वनरोज को उचित उपचार मिल जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
पानी भरे गड्ढे में डूबने से हुई मौत
बताया जा रहा है कि घायल वनरोज बाद में पानी से भरे एक गड्ढे में जा गिरा, जहां डूबने से उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने जब उसे पानी में पड़ा देखा तो इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी। वनरोज की मौत की खबर मिलते ही मौके पर वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम पहुंची।
जांच में जुटी वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीम
वनरोज की मौत के बाद अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। टीम ने वनरोज के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग और पशु चिकित्सकों की टीम इस बात की भी जांच कर रही है कि वनरोज किन परिस्थितियों में घायल हुआ था और उसकी मौत कैसे हुई। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल संबंधित विभागों की टीम पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद ही वनरोज की मौत की पूरी वजह और विभागीय स्तर पर किसी तरह की लापरवाही की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
रिपोर्ट: मनीष श्रीवास्तव





















