जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA) सुलतानपुर में पांच वर्ष से अधिक समय से सम्बद्ध दो कर्मचारियों को कार्यमुक्त करने के आदेश का मामला सामने आया है। दोनों कर्मचारियों पर DRDA के अभिलेखों में कथित रूप से हेराफेरी करने और महत्वपूर्ण दस्तावेजों को गायब करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया गया है।
पांच साल से अधिक समय से थे सम्बद्ध
जिला विकास अधिकारी, प्रथमगर/सुलतानपुर को भेजे गए पत्र के अनुसार, मनोज कुमार श्रीवास्तव, आंशिक लेखाकार और अमित कुमार श्रीवास्तव पांच वर्ष से अधिक समय से DRDA सुलतानपुर में सम्बद्ध बताए गए हैं। पत्र में दोनों कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही सम्बद्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
अभिलेखों में हेराफेरी और दस्तावेज गायब करने के आरोप
पत्र में दोनों कर्मचारियों पर DRDA के अभिलेखों में कथित तौर पर हेराफेरी करने और कुछ अभिलेखों को विलुप्त अथवा गायब करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोपों के अनुसार, कर्मचारियों से जुड़े कुछ मामलों को लेकर वाद दायर कराने जैसी स्थिति भी उत्पन्न हुई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र जांच और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
30 अगस्त को कार्यमुक्त करने की कार्रवाई का उल्लेख
मामले को गंभीर बताते हुए पत्र में 30 अगस्त 2026 को दोनों कर्मचारियों को DRDA सुलतानपुर से कार्यमुक्त करने की कार्रवाई किए जाने का उल्लेख किया गया है। प्रकरण की प्रतिलिपि मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी सुलतानपुर के अलावा मंडलायुक्त अयोध्या मंडल, आयुक्त ग्राम्य विकास, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास तथा डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य समेत अन्य संबंधित अधिकारियों को सूचनार्थ भेजे जाने की बात भी कही गई है। अब इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि DRDA के अभिलेखों में कथित हेराफेरी और दस्तावेजों से छेड़छाड़ के आरोपों की जांच किस स्तर पर कराई जाएगी। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और किसी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।






















