बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। पार्टी की ऑल इंडिया बैठक में मायावती ने साफ कर दिया कि BSP अब देश में होने वाले सभी छोटे और बड़े चुनाव अपने दम पर लड़ेगी। पार्टी किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने के बजाय स्वतंत्र रूप से चुनावी मैदान में उतरेगी।
मायावती ने बैठक में पार्टी के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के हितों की रक्षा करना और शोषित एवं वंचित वर्गों को मजबूत बनाना पार्टी का मुख्य उद्देश्य है। उनके मुताबिक, बहुजन समाज को शासक वर्ग बनाने के मिशन को आगे बढ़ाने के लिए राजनीतिक सत्ता हासिल करना बेहद जरूरी है।
आकाश आनंद को लेकर मायावती का बड़ा बयान
बैठक में आकाश आनंद की भूमिका को लेकर भी मायावती ने स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की पूरी अनुमति है और वह संगठन के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे। हालांकि, फिलहाल उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। मायावती का कहना है कि आकाश आनंद को अभी राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। इसलिए पार्टी नेतृत्व ने फिलहाल उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने से दूरी बनाए रखने का फैसला किया है।
सत्ता हासिल करना BSP के मिशन के लिए जरूरी
मायावती ने जोर देकर कहा कि BSP का मूल मिशन बहुजन समाज, दलितों, पिछड़ों और अन्य शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए संघर्ष करना है। उन्होंने कहा कि केवल सामाजिक आंदोलन से ही लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता, बल्कि व्यवस्था में प्रभावी बदलाव के लिए राजनीतिक सत्ता तक पहुंचना भी आवश्यक है। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। मायावती के इस फैसले को BSP की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।






















