एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की लखनऊ यूनिट ने सरोजनीनगर थाना क्षेत्र के ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का खुलासा करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपियों के कब्जे से अल्प्राजोलाम की 9.60 लाख टैबलेट, ट्रामाडोल की 1.20 लाख कैप्सूल और कोडीन युक्त ऑनेरेक्स कफ सिरप की 720 बोतलें बरामद की हैं। इसके अलावा सात मोबाइल फोन और 11,140 रुपये नकद भी मिले हैं। बरामद दवाओं के नमूने जांच के लिए औषधि निरीक्षकों को सौंपे गए हैं। एएनटीएफ लखनऊ यूनिट के प्रभारी उप निरीक्षक सूरज सिंह के मुताबिक, टीम को 2 सितंबर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ट्रांसपोर्ट नगर में नशीली दवाओं का अवैध कारोबार करने वाले लोग बड़ी मात्रा में दवाओं की डिलीवरी करने वाले हैं। सूचना के बाद टीम ने इलाके में निगरानी शुरू कर दी।
ट्रांसपोर्ट नगर में घेराबंदी कर तीन आरोपी पकड़े
3 सितंबर को एएनटीएफ की टीम औषधि निरीक्षकों के साथ ट्रांसपोर्ट नगर में सुरागरसी कर रही थी। इसी दौरान मकान संख्या एस-363/364 के सामने पान की गुमटी के पास कुछ लोग बड़े कागज के कार्टूनों को बोरियों में छिपाते दिखाई दिए। शक होने पर टीम ने घेराबंदी कर तीन लोगों को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशन वासवानी निवासी मकबूल गंज, अमीनाबाद, समीर अहमद निवासी राजपुर, कानपुर देहात और शाद इरशाद निवासी अलीपुर बड़ी पकड़िया, खदरा, मदेगंज के रूप में हुई। तलाशी के दौरान किशन वासवानी और समीर अहमद के कब्जे से 16 कार्टून बरामद हुए। इनमें अल्जॉमैक-0.5 टैबलेट के 16 कार्टूनों से कुल 9.60 लाख अल्प्राजोलाम टैबलेट मिलीं। वहीं शाद इरशाद के पास से 11 कार्टून बरामद हुए। इनमें पांच कार्टूनों से स्पास्मोनम प्लस की 1.20 लाख ट्रामाडोल कैप्सूल और छह कार्टूनों से 100 एमएल की 720 बोतल ऑनेरेक्स कोडीन युक्त कफ सिरप बरामद हुआ।
कन्हैया फार्मा के संचालक से पूछताछ में खुली कड़ी
पूछताछ में किशन वासवानी और समीर अहमद ने बताया कि वे दवाएं आशियाना के सेक्टर-एम निवासी कन्हैया फार्मा के संचालक उमेश कुमार से लेते थे। इसके बाद एएनटीएफ टीम ने कन्हैया फार्मा पहुंचकर उमेश कुमार को हिरासत में लिया। पूछताछ में उमेश ने आजमगढ़ के बरदह थाना क्षेत्र के अहरौली निवासी सतेन्द्र सिंह की फर्म के कागजात के जरिए नशीली दवाओं की खरीद-बिक्री किए जाने की जानकारी दी। इसके बाद टीम ने सतेन्द्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। कन्हैया फार्मा की जांच के दौरान प्राक्सीमेक स्पास की 1,116 बॉक्स नशीली दवा भी बरामद हुई। एएनटीएफ के मुताबिक, फर्म संचालक दवाओं के क्रय-विक्रय से संबंधित संतोषजनक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद कार्रवाई करते हुए कन्हैया फार्मा को सील कर दिया गया।
पूछताछ में सामने आया एक और आरोपी
वहीं, शाद इरशाद से पूछताछ के आधार पर एएनटीएफ ने तालकटोरा थाना क्षेत्र के राजाजीपुरम, आलमनगर स्थित भपटामऊ के अशोक विहार निवासी विशाल चौरसिया को भी गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से मोबाइल फोन, 3,000 रुपये नकद, पैन कार्ड और दो डेबिट कार्ड बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में विशाल ने शाद इरशाद को नशीली दवाओं की सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। जांच के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कुछ अन्य सप्लायरों के नाम भी सामने आए हैं।
एनडीपीएस एक्ट के तहत भेजे गए जेल
एएनटीएफ ने 3 सितंबर की रात करीब 12 बजे किशन वासवानी, समीर अहमद, शाद इरशाद, उमेश कुमार, सतेन्द्र सिंह और विशाल चौरसिया को धारा 8/21/22/29 एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। एएनटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक, नशीली दवाओं के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।






















