कानपुर: शहर में बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। इसी बीच बाबूपुरवा इलाके से विरोध का एक अलग तरीका सामने आया। भीकम सिंह पार्क की बदहाल हालत से नाराज वार्ड-105 के पार्षद मेराज खुद पार्क में जमा गंदे पानी के बीच लेट गए। उनका कहना था कि लंबे समय से समस्या की शिकायत किए जाने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। पार्षद के इस प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर पहुंचने लगे। मेराज ने कहा कि पार्क की स्थिति को लेकर वह अधिकारियों को कई बार अवगत करा चुके हैं। लिखित शिकायतें देने के बावजूद हालात जस के तस बने हुए हैं। ऐसे में उन्होंने अधिकारियों का ध्यान खींचने के लिए इसी तरह विरोध करने का फैसला लिया।
लंबे समय से बदहाल है पार्क
पार्षद का आरोप है कि बारिश होते ही भीकम सिंह पार्क में पानी जमा हो जाता है। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण गंदा पानी काफी समय तक पार्क में भरा रहता है। इससे पार्क में आने वाले लोगों और आसपास रहने वाले परिवारों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पार्क की दूसरी व्यवस्थाएं भी लंबे समय से खराब पड़ी हैं। बच्चों के खेलने के लिए लगाए गए कई झूले करीब एक साल से टूटे हुए हैं। वहीं, पार्क में लगी स्ट्रीट लाइटें भी काम नहीं कर रही हैं। शाम के समय रोशनी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को दिक्कत होती है।
शिकायतों के बाद भी नहीं बदले हालात
मेराज के मुताबिक पार्क की समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों और विभागों को कई बार जानकारी दी गई। अधिकारियों को पत्र भेजकर भी व्यवस्था सुधारने की मांग की गई, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि केवल शिकायत दर्ज कराने से जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने खुद पानी में उतरकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का फैसला किया। पार्षद ने कहा कि उनका प्रदर्शन किसी निजी मांग के लिए नहीं है। वह क्षेत्र के लोगों को हो रही परेशानी को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनका कहना है कि पार्क जैसी सार्वजनिक जगह की हालत ठीक रखना संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है।
जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
पार्षद के पानी में लेटकर प्रदर्शन करने की खबर फैलने के बाद स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों ने भी पार्क की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए जलभराव और गंदगी से निजात दिलाने की मांग की। मेराज ने साफ किया कि अगर जल्द पार्क से पानी निकालने, साफ-सफाई कराने, टूटे झूलों को ठीक कराने और खराब लाइटों को दुरुस्त करने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई तो विरोध को आगे भी जारी रखा जाएगा। अब देखने वाली बात यह है कि पार्षद के इस अनोखे प्रदर्शन के बाद जिम्मेदार विभाग कब तक हरकत में आते हैं और भीकम सिंह पार्क की बदहाल व्यवस्था कब सुधरती है।





















