सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में एक भूखंड की बाउंड्रीवॉल जेसीबी से तोड़ने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस मामले में गोमतीनगर के विश्वासखंड निवासी मो. नदीम सिद्दीकी ने अखिलेश रावत, जतिन, सविता रावत समेत तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
2007 में खरीदा था भूखंड
पीड़ित मो. नदीम सिद्दीकी के मुताबिक, उन्होंने वर्ष 2007 में बेहसा गांव में सुदामा और तोताराम पुत्र स्व. हरिराम से एक भूखंड खरीदा था। रजिस्ट्री कराने के बाद उसी वर्ष उन्होंने भूखंड पर पक्की बाउंड्रीवॉल और एक कमरे का निर्माण कराया था। नदीम का आरोप है कि 30 अगस्त को क्षेत्रीय लोगों से उन्हें सूचना मिली कि उनके भूखंड की बाउंड्रीवॉल तोड़ी जा रही है। सूचना मिलने पर वह मौके पर पहुंचे तो वहां अखिलेश रावत, जतिन, सविता रावत और तीन-चार अन्य लोग जेसीबी से बाउंड्रीवॉल तोड़ रहे थे। उन्होंने तत्काल डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी।
रजिस्ट्री नहीं मानने की बात कहने का आरोप
पीड़ित के मुताबिक, मौके पर अखिलेश रावत ने कथित तौर पर भूखंड की रजिस्ट्री को नहीं मानने की बात कही और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी। नदीम का कहना है कि इसके बाद उन्होंने एक सितंबर को भूखंड की बाउंड्रीवॉल दोबारा बनवाई। आरोप है कि उसी रात करीब दो बजे आरोपी तीन-चार अन्य लोगों के साथ दोबारा भूखंड पर पहुंचे।
मुंशी से मारपीट के बाद फिर तोड़ी बाउंड्रीवॉल
शिकायत के मुताबिक, उस समय भूखंड पर मौजूद मुंशी अयाज के साथ आरोपियों ने मारपीट की और बाउंड्रीवॉल को दोबारा तोड़ दिया। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से चले गए। पीड़ित का यह भी आरोप है कि दो सितंबर को उसे फोन कर दोबारा भूखंड बेचने और बाउंड्रीवॉल गिराने की धमकी दी गई।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले में मो. नदीम सिद्दीकी की तहरीर पर सरोजनीनगर पुलिस ने अखिलेश रावत, जतिन, सविता रावत और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के दौरान घटनास्थल, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज और लगाए गए आरोपों से संबंधित अन्य तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।






















