लखनऊ के आरटीओ प्रशासन अरुण कुमार वाष्र्णेय ने शनिवार को बाराबंकी स्थित एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। आरटीओ प्रशासन के अचानक कार्यालय पहुंचने से कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने कार्यालय के विभिन्न पटलों का निरीक्षण कर कर्मचारियों की तैनाती, कार्यप्रणाली और जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आरटीओ प्रशासन ने अलग-अलग पटलों पर पहुंचकर वहां तैनात बाबुओं और अन्य कर्मचारियों की स्थिति देखी। उन्होंने यह भी जांच की कि कर्मचारियों के नाम की प्लेट और आईकार्ड निर्धारित तरीके से लगे हैं या नहीं। इसके साथ ही कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों की पहचान और उनके कार्यों की भी जानकारी ली गई।
आरटीओ प्रशासन ने यह भी देखा कि अधिकृत कर्मचारियों के अलावा कार्यालय में कोई अनावश्यक या बाहरी व्यक्ति तो मौजूद नहीं है और कहीं ऐसे लोगों द्वारा तो काम नहीं किया जा रहा है, जिन्हें इसकी अनुमति नहीं है। इसके अलावा विभिन्न पटलों पर कैश का नियमानुसार मिलान किए जाने की स्थिति की भी जांच की गई। निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। हालांकि, आरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निरीक्षण रिपोर्ट को मीडिया के साथ साझा नहीं किया जा सकता।
निरीक्षण की भनक लगते ही बंद हुईं बाहर की दुकानें
एआरटीओ कार्यालय के बाहर निरीक्षण के दौरान कुछ दुकानों के अचानक बंद होने के मामले पर आरटीओ प्रशासन अरुण कुमार वाष्र्णेय ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने कहा कि एआरटीओ कार्यालय कॉलोनी के बीच स्थित है। ऐसे में यदि कार्यालय के बाहर कोई दुकान या अन्य गतिविधि जांच की भनक लगते ही बंद हो जाती है तो इसकी भी जांच कराई जाएगी।
उन्होंने कहा कि वैध दुकानों के अलावा यदि कहीं अवैध रूप से दुकानें संचालित हो रही हैं और वहां अनधिकृत लोग बैठकर काम कर रहे हैं, तो ऐसे मामलों की जांच जरूरी है। उन्होंने एआरटीओ को निर्देश दिए कि नगर पालिका और पुलिस के सहयोग से अवैध दुकानों तथा वहां बैठने वाले अनधिकृत लोगों की जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाए।
आरटीओ प्रशासन ने पूरे मामले में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यालय परिसर और उसके आसपास अनधिकृत गतिविधियों को किसी भी स्थिति में नजरअंदाज न किया जाए।






















