Apple ने फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में एंट्री करते हुए अपना पहला फोल्डेबल iPhone पेश कर दिया है। कंपनी ने इसे iPhone Duo नाम दिया है। फोन के प्रीमियम प्राइस टैग के बाद अब भारतीय ग्राहकों के बीच यह चर्चा तेज है कि इसे भारत में खरीदना बेहतर रहेगा या विदेश से मंगाना। अमेरिका, दुबई और हांगकांग में इसकी कीमतों की तुलना करें तो काफी बड़ा अंतर नजर आता है।
अमेरिका में सबसे कम शुरुआती कीमत
अमेरिकी बाजार में iPhone Duo की शुरुआती कीमत 1,999 डॉलर बताई गई है। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 1.90 लाख रुपये बैठती है। हालांकि अमेरिका में Apple की घोषित कीमत में राज्य का सेल्स टैक्स शामिल नहीं होता। यानी खरीदारी के वक्त अंतिम बिल में कुछ अतिरिक्त रकम जुड़ सकती है। इसके बावजूद शुरुआती कीमत के आधार पर अमेरिका इस फोन को खरीदने के लिए सबसे किफायती बाजार नजर आ रहा है।
दुबई में भी भारत से काफी कम कीमत
UAE में iPhone Duo के 256GB मॉडल की कीमत 8,499 UAE दिरहम बताई गई है। भारतीय रुपये में यह लगभग 2.2 लाख रुपये के बराबर है। इस तरह दुबई में भी फोन की कीमत भारत के मुकाबले काफी कम बैठती है। हालांकि विदेश से फोन भारत लाने पर कस्टम और अन्य लागू नियमों को जरूर ध्यान में रखना होगा।
हांगकांग में भी सस्ता विकल्प
हांगकांग में 256GB मॉडल की कीमत 17,499 हांगकांग डॉलर बताई गई है। भारतीय करेंसी में इसकी कीमत करीब 2.12 लाख रुपये होती है। यानी हांगकांग में भी भारतीय कीमत की तुलना में लगभग 80 हजार रुपये की बचत हो सकती है, हालांकि वास्तविक खर्च खरीदारी के समय लागू टैक्स और अन्य शुल्क पर निर्भर करेगा।
भारत में 2.99 लाख रुपये से शुरू होगी कीमत
भारत में Apple ने iPhone Duo के 256GB मॉडल की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये रखी है। इसके आगे स्टोरेज बढ़ने के साथ कीमत भी काफी तेजी से बढ़ती है।
256GB: 2,99,900 रुपये
512GB: 3,24,900 रुपये
1TB: 3,74,900 रुपये
2TB: 4,49,900 रुपये
इन कीमतों के साथ iPhone Duo सामान्य प्रीमियम स्मार्टफोन से आगे निकलकर बेहद महंगे लग्जरी फोन की कैटेगरी में पहुंच जाता है।
आखिर कहां मिलेगा सबसे सस्ता?
दिए गए शुरुआती दामों की तुलना करें तो अमेरिका में iPhone Duo सबसे कम कीमत पर मिल रहा है। इसके बाद हांगकांग और UAE का नंबर आता है, जबकि भारत में इसकी कीमत सबसे ज्यादा है। भारत और अमेरिका की शुरुआती कीमतों में करीब 1 लाख रुपये का अंतर है। हालांकि विदेश से फोन खरीदने का फैसला सिर्फ कीमत देखकर नहीं करना चाहिए। सेल्स टैक्स, कस्टम ड्यूटी, वारंटी कवरेज, नेटवर्क बैंड और सिम सपोर्ट जैसी चीजें भी अंतिम लागत और इस्तेमाल के अनुभव पर असर डाल सकती हैं।
इसलिए विदेश से iPhone Duo खरीदने से पहले केवल स्टिकर प्राइस नहीं, बल्कि भारत लाने के बाद पड़ने वाले कुल खर्च का हिसाब लगाना ज्यादा जरूरी होगा।





















