सुल्तानपुर। जिले में डीजे की तेज आवाज और उससे होने वाली परेशानी को लेकर पुलिस ने संचालकों और आयोजकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। माननीय उच्च न्यायालय और शासन के निर्देशों का हवाला देते हुए पुलिस ने साफ किया है कि शादी-विवाह, जुलूस, धार्मिक आयोजन और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे बजाते समय निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करना होगा। ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के तहत आवासीय क्षेत्रों में दिन के समय 55 और रात में 45 डेसिबल से अधिक आवाज प्रतिबंधित है। ऐसे में तेज बेस और कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस के मुताबिक सार्वजनिक कार्यक्रमों में डीजे लगाने के लिए सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना जरूरी होगा। इसके अलावा अश्लील, जातिगत टिप्पणी वाले, आपसी द्वेष बढ़ाने वाले या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले गानों पर पूरी तरह रोक रहेगी। अस्पताल, स्कूल, कोर्ट और धार्मिक स्थलों के आसपास 100 मीटर का क्षेत्र साइलेंट जोन माना गया है, जहां डीजे और हॉर्न बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि साउंड सिस्टम वाहन की बॉडी से बाहर नहीं निकलना चाहिए और ऐसा कोई ऊंचा टावर या सेटअप नहीं लगाया जाएगा, जिससे यातायात प्रभावित हो।
डीजे को लेकर होने वाली प्रतियोगिताओं पर भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। जिले में डीजे को आमने-सामने खड़ा कर तेज आवाज में मुकाबला कराने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने पर संबंधित उपकरण जब्त किए जा सकते हैं और नियमानुसार जुर्माना व अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उल्लंघन की स्थिति में ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के साथ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई हो सकती है।
पुलिस ने डीजे संचालकों और आयोजकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि कार्यक्रमों में आवाज निर्धारित सीमा के भीतर ही रखी जाए। खासतौर पर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, मरीजों और पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों की परेशानी को ध्यान में रखने की बात कही गई है। धार्मिक आयोजनों में आपत्तिजनक या अश्लील गाने न बजाने और सड़क पर ऐसा सेटअप न लगाने की अपील की गई है जिससे जाम की स्थिति बने। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने को कहा है।





















