देवरिया। समाजवादी चिंतक, पूर्व सांसद और प्रखर समाजवादी विचारक स्वर्गीय मोहन सिंह की 14वीं पुण्यतिथि उनके पैतृक गांव बरहज में श्रद्धा और भावुक माहौल के बीच मनाई गई। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं, समर्थकों, पूर्व सांसदों, पूर्व विधायकों, विधायकों, वरिष्ठ नेताओं और समाजवादी विचारधारा से जुड़े लोगों की बड़ी मौजूदगी रही। आयोजकों के अनुसार, करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से पूरा परिसर समाजवादी नारों से गूंजता रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने स्वर्गीय मोहन सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि मोहन सिंह का जीवन समाजवाद, सादगी, संघर्ष और सिद्धांतों के प्रति समर्पित रहा। शिवपाल यादव ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में गरीब, किसान, मजदूर और आम लोगों के अधिकारों की आवाज उठाई तथा अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस दौरान स्वर्गीय मोहन सिंह की पुत्री कनकलता सिंह ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन बेहद सादगीपूर्ण रहा। पद और प्रतिष्ठा मिलने के बाद भी उन्होंने सामान्य जीवनशैली को नहीं छोड़ा। अध्ययन, लेखन, समाजवाद और कमजोर वर्गों की आवाज उठाना उनके जीवन का अहम हिस्सा रहा। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके पिता हमेशा मानते थे कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके विचार, व्यवहार और समाज के प्रति योगदान से होती है।
कार्यक्रम में मौजूद नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने स्वर्गीय मोहन सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। शिवपाल सिंह यादव के कार्यक्रम में पहुंचने पर कार्यकर्ताओं में उत्साह भी देखने को मिला। पूरे परिसर में समाजवादी नारों की गूंज के बीच वक्ताओं ने उनके विचारों, सादगी और संघर्ष को याद किया। अंत में उपस्थित लोगों ने स्वर्गीय मोहन सिंह को नमन करते हुए उनके बताए रास्ते और समाज के कमजोर वर्गों के लिए किए गए संघर्ष को याद रखने का संकल्प लिया।





















