औरैया। अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली में 14 अगस्त को आई बाढ़ में लापता हुए औरैया के सराय अमिलिया गांव निवासी अग्निवीर विनोद यादव की 44 दिन बाद पहचान हुई। डीएनए जांच रिपोर्ट के आधार पर उनकी शिनाख्त की पुष्टि होने के बाद शनिवार को सेना के जवान उनकी अस्थियां लेकर पैतृक गांव पहुंचे। अस्थियां देखते ही मां सुनीता देवी, पिता महेंद्र यादव और छोटे भाई अभिषेक यादव का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
गांव में पिछले दो दिनों से बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण अपने वीर जवान को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सेना के जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर विनोद यादव को श्रद्धांजलि दी। महिला-पुरुषों ने नम आंखों से उन्हें नमन किया और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। बारिश के बीच भी श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ जुटी रही और माहौल गमगीन बना रहा।
14 अगस्त को बाढ़ में लापता हुए थे पांच जवान
14 अगस्त की शाम करीब 4:30 बजे अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले के पाशु पानी स्थित आर्मी कैंप क्षेत्र में भारी बारिश और बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ आ गई थी। पानी का बहाव इतना तेज था कि सेना के दो शेल्टर बह गए। हादसे में सात जवान बाढ़ की चपेट में आ गए थे, जिनमें से दो को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 5वीं ग्रेनेडियर में तैनात विनोद यादव समेत पांच जवान लापता हो गए थे। हादसे के बाद सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाया। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और तेज बहाव के कारण अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। बरामद अवशेषों की डीएनए जांच के बाद 26 सितंबर को विनोद यादव की पहचान की पुष्टि हुई।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि
विनोद यादव की अस्थियां गांव पहुंचने पर उपजिलाधिकारी अजीतमल विनोद कुमार मीणा, तहसीलदार अविनाश कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी शैलेंद्र सिंह परिहार और कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार राजपूत सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पुष्प अर्पित कर जवान को श्रद्धांजलि दी और परिजनों को सांत्वना दी। भाजपा जिलाध्यक्ष सर्वेश कुमार कठेरिया, नगर पंचायत अजीतमल अध्यक्ष प्रतिनिधि अखिलेश चक समेत जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी वीर जवान को नमन किया। 44 दिनों तक बेटे के सकुशल लौटने की उम्मीद लगाए बैठे परिवार के लिए यह पल बेहद पीड़ादायक रहा। दिबांग वैली हादसे में लापता अन्य जवानों की तलाश के लिए सेना का अभियान जारी है।




















