सरोजनीनगर, लखनऊ। पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते सई नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। बंथरा क्षेत्र के मिर्जापुर, लतीफ नगर, गोडवा, हुलासखेड़ा और सैदपुर पुरही समेत कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कहीं नदी का पानी गांवों के किनारे तक पहुंच गया है, तो कहीं घरों के अंदर पानी घुस गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, सोमवार सुबह से जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
सई नदी और नगवा नाले का पानी मिर्जापुर जाने वाली सड़क के पास स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेंती तक पहुंच गया है। अस्पताल परिसर पूरी तरह जलमग्न हो गया है और कर्मचारियों का वहां पहुंचना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि करीब 15 दिन पहले भी जलस्तर बढ़ने से अस्पताल का संचालन ठप हो गया था। पानी कम होने पर अस्पताल दोबारा खुला, लेकिन लगातार बारिश के बाद फिर से जलभराव हो गया। अब ग्रामीणों को दवा लेने के लिए करीब पांच किलोमीटर दूर बंथरा या हरौनी जाना पड़ रहा है। सड़क किनारे लगे विद्युत ट्रांसफार्मर के आसपास पानी भरने के कारण रविवार शाम करीब सात बजे गांव की बिजली आपूर्ति भी बंद कर दी गई।
गोडवा गांव में भी सई नदी का पानी घरों तक पहुंच गया है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी से करीब 300 मीटर दूर स्थित गांव के किनारे वाले मकानों में पानी घुस गया है। प्रभावित परिवारों में गंगा प्रसाद, संजय गौतम, ममता, मनीष गौतम, मुकेश कुमार, रवि, कौशल, विजयपाल, भैयालाल, सज्जन और गोकुल रावत के नाम शामिल हैं। लगातार बढ़ते जलस्तर से ग्रामीणों को घरों में पानी भरने और जरूरी सुविधाओं के प्रभावित होने की चिंता सता रही है।
उधर, बनी-मोहान रोड स्थित नारायणपुर चौराहे से दराबनगर बरकोता होते हुए सई नदी पार कर कई गांवों को जोड़ने वाली सड़क पर भी पानी बह रहा है। मिर्जापुर, लटौवा, भटगवां पांडे, त्रिलोचनखेड़ा, महेंद्र और नेवाजीखेड़ा समेत उन्नाव के गिरवरखेड़ा और खड़वरिया जाने वाले मार्ग पर दराबनगर बरकोता और सई नदी पुल के बीच तेज बहाव से आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर पानी बहने से स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो कई गांवों का संपर्क बाधित हो सकता है।





















