सुल्तानपुर में अधिवक्ता आजाद अहमद हत्याकांड से जुड़े रिटायर्ड सूबेदार मेजर मंसूर अहमद और सह आरोपी सारिज उर्फ अल्तमस की न्यायिक हिरासत के मामले में सीजेएम कोर्ट ने थाना कोतवाली देहात के एसओ धर्मवीर सिंह को मूल अभिलेखों के साथ व्यक्तिगत रूप से तलब किया है। अदालत ने विवेचना से जुड़े मूल प्रपत्र पेश नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई। दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत को फिलहाल बृहस्पतिवार तक बढ़ाते हुए अगली सुनवाई के लिए एक अक्टूबर की तारीख तय की गई है।
मामला छह अगस्त 2023 को कोतवाली देहात क्षेत्र के भुलकी चौराहे के पास अधिवक्ता आजाद अहमद की गोली मारकर हुई हत्या से जुड़ा है। मृतक के पिता मो. सलीम की तहरीर पर इकरामुद्दीन समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। मामले में नामजद आरोपियों के खिलाफ एफटीसी द्वितीय की अदालत में ट्रायल चल रहा है। पुलिस मुठभेड़ में मुख्य आरोपी और इनामी सिराज अहमद की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई जारी है।
पुलिस के मुताबिक, अज्ञात आरोपियों के संबंध में चल रही अग्रेतर विवेचना के दौरान सिराज अहमद के पिता रिटायर्ड सूबेदार मेजर मंसूर अहमद और उनके करीबी सारिज उर्फ अल्तमस के नाम प्रकाश में आए। दोनों को गिरफ्तार कर 17 सितंबर को अदालत में पेश किया गया था। रिमांड की कार्यवाही के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता विमल दूबे ने गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए सीसीटीवी फुटेज का हवाला दिया और पुलिस की ओर से बताए गए गिरफ्तारी स्थल समेत अन्य कार्रवाई को लेकर आपत्ति दर्ज कराई।
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने घटना के करीब तीन साल बाद आरोपियों का रिमांड प्रस्तुत किए जाने समेत अन्य बिंदुओं पर भी टिप्पणी की। अदालत ने विवेचक को जांच से जुड़े समस्त अभिलेखों के साथ एसपी के समक्ष पेश होकर आवश्यक विभागीय निर्देश प्राप्त करने को कहा है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों की न्यायिक हिरासत को फिलहाल एक अक्टूबर तक बढ़ाया है, जिस दिन मामले में आगे की सुनवाई होगी।




















