पीड़ित बोला- तीन वाहनों माल गया था, छोटा हाथी में वापस आया
पल्लवपुरम में दुकान का ताला काटकर लाखों का सामान चोरी होने का मामला; महिला ने एसएसपी से की थी शिकायत, अब पुलिस की बरामदगी पर पीड़ित ने उठाए सवाल
मेरठ। पल्लवपुरम क्षेत्र में दुकान का ताला काटकर लाखों रुपये का सामान चोरी होने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सामान बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार चोरी गए सामान का करीब 95 प्रतिशत हिस्सा बरामद कर लिया गया है। हालांकि, पीड़ित पक्ष ने पुलिस के इस दावे पर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित रेनू बाला के अनुसार, दुकान से करीब 13.75 लाख रुपये का सामान चोरी हुआ था। उनका आरोप है कि चोरी की घटना के बाद शिकायत करने के बावजूद शुरुआत में पुलिस ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की, जिसके बाद उन्होंने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की थी।
पुलिस का दावा-95 फीसदी सामान बरामद
मामले में पुलिस को सफलता मिलने के बाद पुलिस की ओर से चोरी गए सामान का करीब 95 प्रतिशत हिस्सा बरामद किए जाने की बात कही जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मामले में चोरी के सामान की बरामदगी का दावा किया गया है।
हालांकि, पीड़ित पक्ष पुलिस के बरामदगी के आंकड़े से संतुष्ट नहीं है। रेनू बाला का कहना है कि बरामद सामान की वास्तविक मात्रा को लेकर पुलिस के दावे और मौके पर दिखाई दे रहे सामान में अंतर है।
पीड़ित का दावा-तीन ट्रकों में गया था सामान
पीड़ित के अनुसार, दुकान से चोरी हुआ सामान तीन वाहनों में भरकर ले जाया गया था। उनका कहना है कि यदि चोरी का सामान तीन वाहनों में गया था तो बरामदगी के समय उसकी मात्रा और परिवहन की स्थिति भी उसी अनुपात में दिखाई देनी चाहिए।
रेनू बाला का आरोप है कि पुलिस जिस सामान को बरामद करके लाई है, वह एक छोटे हाथी वाहन में आया और उसकी हालत भी खराब थी। पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में सामान तीन ट्रकों में जाने के बाद एक छोटे हाथी में वापस आना पुलिस के 95 प्रतिशत बरामदगी के दावे पर सवाल खड़े करता है।
बरामद सामान की मात्रा और स्थिति पर उठे सवाल
पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि चोरी के समय दुकान से ले जाए गए सामान और बरामद सामान का पूरा विवरण सार्वजनिक या उनके सामने स्पष्ट किया जाए। साथ ही यह भी बताया जाए कि कुल कितना सामान बरामद हुआ और उसकी कीमत कितनी आंकी गई है।
रेनू बाला का कहना है कि केवल प्रतिशत के आधार पर बरामदगी बताने के बजाय सामान की संख्या, वजन, कीमत और अन्य विवरण का मिलान किया जाना चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वास्तव में कितना सामान बरामद हुआ है।
पुलिस की जांच से साफ होगी स्थिति
मामले में अब पुलिस की जांच से यह स्पष्ट होना है कि चोरी गए सामान की कुल मात्रा कितनी थी और बरामदगी में कितना सामान मिला है। पुलिस की ओर से बरामद सामान का आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद दोनों पक्षों के दावों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पीड़ित पक्ष पुलिस के 95 प्रतिशत बरामदगी के दावे से सहमत नहीं है और बरामद सामान की वास्तविक मात्रा को लेकर सवाल उठा रहा है। मामले में पुलिस का विस्तृत आधिकारिक पक्ष और बरामदगी की सूची सामने आने के बाद तस्वीर और साफ होगी।





















