खड़गे ने सत्य-अहिंसा को बताया बापू की विरासत
नई दिल्ली। महात्मा गांधी की 157वीं जयंती पर शुक्रवार को देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने विजय घाट पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी श्रद्धांजलि दी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में महात्मा गांधी की विरासत को सत्य, अहिंसा और निर्भयता से जोड़ा। उन्होंने कहा कि बापू ने अन्याय के सामने नहीं झुकने और सत्य व अहिंसा के साथ डटे रहने की सीख दी। राहुल गांधी के अनुसार, सत्य और अहिंसा के साथ मजबूती से खड़ा रहना ही वास्तविक ताकत है।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी गांधीजी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके सत्य, अहिंसा, सद्भाव और न्याय के सिद्धांतों को याद किया। उन्होंने कहा कि गांधीजी ने सत्याग्रह को अन्याय के खिलाफ प्रभावी माध्यम बनाया और स्वतंत्रता आंदोलन को दिशा देने के साथ मानवता, करुणा और शांति का संदेश दुनिया तक पहुंचाया।
खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर याद किया। उन्होंने शास्त्री के सादगीपूर्ण जीवन, राष्ट्रसेवा और 1965 के युद्ध के दौरान उनके नेतृत्व का उल्लेख किया। शास्त्री का प्रसिद्ध नारा ‘जय जवान, जय किसान’ भी इस अवसर पर याद किया गया।
कांग्रेस ने पूर्व पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के प्रमुख नेता के. कामराज को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। खरगे ने कामराज की सादगी, जनसेवा और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को याद करते हुए उनके योगदान का उल्लेख किया।
गांधी जयंती के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति ने गांधीजी के सत्य और अहिंसा के संदेश को आज भी प्रासंगिक बताते हुए उनके आदर्शों को याद किया।





















