भारत में ड्रग नेटवर्क का आरोप; नवप्रीत सिंह को वापस लाया गया
नई दिल्ली। भारत ने कथित अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जुड़े आरोपी नवप्रीत सिंह को तुर्किये से भारत वापस लाया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने इसे जांच एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया। भारत लौटने के बाद नवप्रीत सिंह को ड्रग तस्करी और अन्य कथित अपराधों से जुड़े मामलों में हिरासत में लिया गया है।
फर्जी पहचान के जरिए नागरिकता लेने का आरोप
अमित शाह के मुताबिक, नवप्रीत सिंह ने कथित तौर पर फर्जी पहचान के आधार पर तुर्किये की नागरिकता हासिल की थी। आरोप है कि वह ‘नवाब विर्क’ नाम की पहचान का इस्तेमाल कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, नवप्रीत अफगानिस्तान से भारत तक हेरोइन और मेथामफेटामाइन की तस्करी से जुड़े नेटवर्क का कथित संचालक था।
भारतीय एजेंसियों ने जांच के दौरान उसकी वास्तविक पहचान और विदेश में मौजूदगी का पता लगाया। इसके बाद उसे तुर्किये से भारत वापस लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। हालांकि, उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।
भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये तक फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियां नवप्रीत सिंह को भारत, अफगानिस्तान और तुर्किये के बीच सक्रिय बताए गए मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क से जोड़ती रही हैं। जांच के अनुसार, नवप्रीत कथित तौर पर तुर्किये से नेटवर्क का संचालन करता था, जबकि भारत में उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह की भूमिका भी सामने आई थी।
आरोप है कि विदेश से भारत तक मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए नेटवर्क में अलग-अलग लोगों का इस्तेमाल किया जाता था। भारत में मौजूद आरोपी कथित तौर पर ड्रग्स की खेप को अलग-अलग स्थानों तक पहुंचाने का काम करते थे।
2021 में सामने आया था नेटवर्क
इस मामले की जांच वर्ष 2021 में दक्षिण दिल्ली में रिजवान कश्मीरी की गिरफ्तारी के बाद आगे बढ़ी थी। पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को कथित बड़े ड्रग नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। जांच आगे बढ़ने पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और अन्य क्षेत्रों में नेटवर्क के संपर्क सामने आने का दावा किया गया।
फरीदाबाद में जांच के दौरान बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद होने की बात भी सामने आई। जांच के मुताबिक, एक वाहन से करीब 166 किलोग्राम और दूसरे वाहन से करीब 115 किलोग्राम हेरोइन बरामद की गई थी।
जांच के दौरान अफगानिस्तान से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की गई। एजेंसियों के अनुसार, नेटवर्क विदेश से भारत तक मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए कई स्तरों पर काम करता था।
प्रभदीप सिंह से मिली अहम कड़ी
नवप्रीत सिंह के कथित नेटवर्क की जांच में उसके चचेरे भाई प्रभदीप सिंह का नाम भी सामने आया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, प्रभदीप भारत में नेटवर्क की गतिविधियों से जुड़ा था और नवप्रीत तथा भारत में मौजूद अन्य आरोपियों के बीच संपर्क का काम करता था।
मई 2026 में भारतीय एजेंसियां प्रभदीप सिंह को अजरबैजान से भारत वापस लेकर आई थीं। उसे बाकू में ट्रेस किए जाने के बाद प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई थी। उसके खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी था।
प्रभदीप को भारत लाने की प्रक्रिया में सीबीआई, दिल्ली पुलिस, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के बीच समन्वय हुआ। भारत के इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के रूप में सीबीआई ने भारतपोल प्लेटफॉर्म के जरिए विदेशी एजेंसियों के साथ संपर्क किया था।
अब नवप्रीत सिंह की भारत वापसी के बाद जांच एजेंसियां कथित ड्रग नेटवर्क की बाकी कड़ियों और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही हैं।





















