2024 में ओमान एयर से हटाया गया था, कट्टरपंथी विचारों की जांच
दुबई। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमले के आरोपी को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। वह ओमान का नागरिक है। 30 सितंबर को हुई इस घटना के बाद से उसके पुराने एविएशन रिकॉर्ड और कथित कट्टरपंथी विचारों की जांच की जा रही है। संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों ने घटना को विमान पर कब्जा करने की कोशिश और संभावित आतंकवादी हमले के तौर पर जांच के दायरे में रखा है।
रिपोर्टों के मुताबिक, अल-हमामी को 2024 में ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर में पायलट ट्रेनिंग से हटा दिया गया था। उसके कथित कट्टरपंथी विचारों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण उस पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, बाद में उसे एयरलाइन में दूसरी भूमिका दिए जाने की भी रिपोर्ट है। इसके बाद वह फ्लाईदुबई से जुड़ा और घटना से करीब आठ महीने पहले उसने वहां काम शुरू किया था।
सोशल मीडिया और पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
जांच में अल-हमामी के सोशल मीडिया अकाउंट और पुराने डिजिटल रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। कुछ रिपोर्टों में उसके सोशल मीडिया पर अल-कायदा से जुड़े लोगों की तस्वीरों और कथित कट्टरपंथी सामग्री मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, इन सामग्री और घटना के बीच सीधा संबंध अभी जांच का विषय है।
रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि अल-हमामी ने ओमान के बाहर समय बिताया था और सीरिया से उसका संबंध रहा है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इसी दौरान वह किसी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हुआ। उसके पुराने संपर्कों और ऑनलाइन गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।
क्या विमान को इजराइल में क्रैश करने की योजना थी?
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान अल-हमामी के कथित तौर पर विमान को इजराइल में क्रैश करने की योजना से जुड़े बयान सामने आए हैं। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। यूएई और इजराइल की एजेंसियां यह जांच कर रही हैं कि कैप्टन पर हमला क्या विमान पर नियंत्रण हासिल करने और उसे जानबूझकर गिराने की किसी योजना का हिस्सा था।
यूएई के अटॉर्नी जनरल के अनुसार, घटना में को-पायलट ने कॉकपिट में कैप्टन पर हमला कर विमान पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश की। जांच में उसके संभावित आतंकी संबंध और हमले के मकसद का पता लगाया जा रहा है।
उड़ान के दौरान कैप्टन पर किया हमला
फ्लाईदुबई की FZ1073 फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में हमाम अल-हमामी ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे आया और स्थिति बेहद गंभीर हो गई।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद रिजर्व पायलटों ने भी विमान को संभालने में मदद की। इसके बाद फ्लाइट की सऊदी अरब के तबुक में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई।
सऊदी अरब में पकड़ा गया, अब यूएई में जांच
घटना के बाद सऊदी अधिकारियों ने अल-हमामी को हिरासत में लिया था। बाद में उसे संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया, जहां उसके खिलाफ आतंकवाद से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। इजराइली अधिकारी भी उससे पूछताछ करने वाले हैं।
इस मामले में एक बड़ा सवाल यह भी है कि 2024 में ओमान में सुरक्षा संबंधी चिंताओं के कारण पायलट ट्रेनिंग से हटाए जाने के बावजूद अल-हमामी फ्लाईदुबई की पायलट टीम तक कैसे पहुंचा। यूएई और इजराइल की एजेंसियां उसके पुराने रिकॉर्ड, भर्ती प्रक्रिया, सोशल मीडिया गतिविधियों और घटना के पीछे संभावित मकसद की जांच कर रही हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियों की ओर से अल-हमामी के किसी आतंकी संगठन से औपचारिक संबंध की अंतिम पुष्टि नहीं की गई है। उसके कथित कट्टरपंथी संबंध और विमान को जानबूझकर गिराने की योजना से जुड़े दावे जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे।





















