बोले- बड़ी जिम्मेदारी देने के लिए नेतृत्व का जीवनभर आभारी रहूंगा
लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव के बाद पूर्व अध्यक्ष अजय राय ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने शुक्रवार को प्रतापगढ़ की रामपुर खास विधानसभा सीट से विधायक और कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता रहीं आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। अजय राय की जगह उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। पार्टी ने सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है।
प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद अजय राय ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पार्टी नेतृत्व और नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उनके जैसे सामान्य कार्यकर्ता को प्रदेश अध्यक्ष जैसी बड़ी जिम्मेदारी दी, इसके लिए वह जीवनभर आभारी रहेंगे।
अजय राय ने अपनी पोस्ट में नए प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ समेत सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि लड़ाई अभी जारी है। पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे! हर-हर महादेव!”
बोले- नेतृत्व का फैसला स्वीकार, पार्टी के लिए काम जारी रखूंगा
अजय राय ने अपने बयान में पार्टी नेतृत्व के फैसले के प्रति सम्मान जताया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार आगे भी काम करते रहेंगे। उन्होंने खुद को राहुल गांधी का ‘हनुमान’ बताते हुए कहा कि नेतृत्व जहां कहेगा, वह वहां अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे।
अजय राय अगस्त 2023 से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब आराधना मिश्रा ‘मोना’ को प्रदेश की कमान सौंपी गई है। वह रामपुर खास से तीन बार विधायक रह चुकी हैं और अब तक कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता थीं। उनके प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद चौधरी वीरेंद्र सिंह को कांग्रेस विधायक दल का नया नेता बनाया गया है।
इमरान मसूद समेत संगठन में कई नियुक्तियां
कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश संगठन में अन्य बदलाव भी किए हैं। सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। देवेंद्र निषाद और आलोक प्रसाद को वरिष्ठ उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी के अनुसार ये सभी नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
ये बदलाव 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले किए गए हैं। कांग्रेस ने इसे संगठनात्मक पुनर्गठन के तौर पर किया है, जिसके तहत प्रदेश इकाई में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।





















