बेलहरा, जखनिया (गाजीपुर)। बेलहरा ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जयप्रकाश सिंह उर्फ जेपी अपनी सक्रियता और ग्रामीणों के बीच मौजूदगी को लेकर चर्चा में हैं। गांव के लोगों के मुताबिक, जरूरत के समय जेपी उनके बीच खड़े नजर आते हैं। किसी को अस्पताल पहुंचाने की जरूरत हो, ब्लॉक, तहसील या थाने से जुड़ा कोई काम हो अथवा किसी पात्र व्यक्ति को सरकारी योजना का लाभ दिलाने में मदद चाहिए हो, ग्रामीण उनसे संपर्क करते हैं। उनका कहना है कि जनसेवा उनके लिए केवल जिम्मेदारी नहीं, बल्कि लोगों के साथ खड़े रहने का माध्यम है।
ग्रामीणों के बीच उनकी पहचान को लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि जेपी से संपर्क करने पर वे समस्या को समझने और उसके समाधान के लिए प्रयास करते हैं। उनके समर्थकों के अनुसार, गांव में साफ-सफाई, नाली-खड़ंजा, आवास और पेंशन जैसी योजनाओं से जुड़े मामलों में भी उन्होंने लोगों की मदद की है। साथ ही गांव में आपसी भाईचारा बनाए रखने और जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचने पर भी वे जोर देते हैं।
जनता के साथ अपने जुड़ाव को लेकर जयप्रकाश सिंह उर्फ जेपी कहते हैं, “बेलहरा की जनता ही मेरा परिवार है। मुझे प्रधान प्रतिनिधि बनाकर जनता ने जो भरोसा दिया है, मैं जीवन भर उसकी सेवा करके उस भरोसे को निभाने की कोशिश करूंगा। मेरे दरवाजे से कोई भी निराश होकर न जाए, यही मेरा प्रयास रहता है।” उनका कहना है कि गांव के विकास के साथ-साथ लोगों की व्यक्तिगत समस्याओं में सहयोग करना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।
बेलहरा में जेपी की सक्रियता को लेकर समर्थक उन्हें ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में देखते हैं, जो लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनने का प्रयास करते हैं। हालांकि गांव के विकास और योजनाओं के क्रियान्वयन का वास्तविक आकलन सरकारी रिकॉर्ड और धरातल पर हुए कार्यों के आधार पर ही किया जा सकता है। फिलहाल, ग्रामीणों के बीच उनकी मौजूदगी और जरूरत के समय सहयोग करने की छवि उनकी स्थानीय पहचान का अहम हिस्सा बनी हुई है।





















