बलुआ में घर की सफाई के लिए मिट्टी खोद रहीं थीं दोनों महिलाएं, हादसे में तीन बच्चों के सिर से उठा मां का साया
पति की मौत के आठ महीने बाद परिवार संभाल रही लक्ष्मीना गंभीर, बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर
चंदौली। बलुआ थाना क्षेत्र के बलुआ कस्बा स्थित निषाद बस्ती में मंगलवार को गंगा किनारे मिट्टी खोदते समय दर्दनाक हादसा हो गया। घर की साफ-सफाई के लिए मिट्टी निकाल रहीं दो महिलाएं अचानक टीला ढहने से उसके नीचे दब गईं। हादसे में 54 वर्षीय तेतरा देवी की मौत हो गई, जबकि 36 वर्षीय लक्ष्मीना देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। घटना के बाद बस्ती में मातम छा गया। हादसे ने दो परिवारों को गहरे संकट में डाल दिया है।
अचानक ढहा मिट्टी का टीला, ग्रामीणों ने बाहर निकाला
जानकारी के अनुसार, बलुआ कस्बे की निषाद बस्ती निवासी तेतरा देवी पत्नी छोटन निषाद और लक्ष्मीना देवी पत्नी स्वर्गीय भोनू निषाद मंगलवार को अपने घरों की सफाई के लिए घर के पास गंगा किनारे स्थित बंजर जमीन से मिट्टी खोद रही थीं। इसी दौरान अचानक मिट्टी का टीला भरभराकर ढह गया और दोनों महिलाएं उसके नीचे दब गईं।
महिलाओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला और उपचार के लिए स्थानीय चिकित्सकों के पास पहुंचाया। चिकित्सकों ने जांच के बाद तेतरा देवी को मृत घोषित कर दिया। वहीं, लक्ष्मीना देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उनका उपचार शुरू किया गया।
लक्ष्मीना की हालत गंभीर, बीएचयू ट्रामा सेंटर रेफर
हादसे में लक्ष्मीना देवी को गंभीर चोटें आई हैं। बताया गया कि उनके एक पैर की हड्डी टूट गई है और कमर में भी गंभीर चोट लगी है। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बीएचयू स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। तेतरा देवी की मौत से परिवार में शोक छा गया, जबकि लक्ष्मीना देवी के गंभीर रूप से घायल होने से उनके बच्चों की चिंता बढ़ गई है।
पति की मौत के बाद तीन बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रही थीं लक्ष्मीना
इस हादसे ने दोनों परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। मृतका तेतरा देवी के तीन बेटे नीरज, धीरज और रवि तथा एक बेटी सोनी निषाद हैं। उनकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
वहीं, घायल लक्ष्मीना देवी के पति भोनू निषाद की आठ महीने पहले ही मौत हो चुकी है। उनके तीन छोटे बच्चे हैं। पति की मृत्यु के बाद लक्ष्मीना ही बच्चों के पालन-पोषण और परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही थीं। अब उनके गंभीर रूप से घायल होने से बच्चों के सामने देखभाल और भविष्य को लेकर संकट खड़ा हो गया है।
पुलिस और राजस्वकर्मी पहुंचे मौके पर
हादसे की सूचना मिलने पर बलुआ थानाध्यक्ष संतोष सिंह और क्षेत्रीय लेखपाल सतीश सिंह मौके पर पहुंचे। परिजनों ने तेतरा देवी का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।





















