न्यायालय ने लगाया दो हजार रुपये का जुर्माना, राशि जमा नहीं करने पर भुगतना होगा एक माह का अतिरिक्त कारावास
चंदौली। ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी पैरवी और साक्ष्यों के आधार पर मादक पदार्थों से जुड़े मामले में न्यायालय ने एक अभियुक्त को दो वर्ष तीन माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर दो हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस के अनुसार, वाराणसी जिले के रामनगर स्थित ईदगाह क्षेत्र के भद्दरहट्टा निवासी रियाज खान उर्फ राजू के खिलाफ मुगलसराय थाने में वर्ष 2020 में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा अपराध संख्या 277/20 में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत कार्रवाई की गई थी।
मामले में पुलिस की ओर से प्रभावी पैरवी, वैज्ञानिक विवेचना और साक्ष्यों के संकलन के आधार पर न्यायालय में अभियोजन पक्ष ने अपना पक्ष रखा। इसके बाद अपर सत्र न्यायाधीश, कक्ष संख्या प्रथम, चंदौली की अदालत ने 27 अक्टूबर 2026 को अभियुक्त को दोषी करार देते हुए दो वर्ष तीन माह के कठोर कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त को सजा दिलाने में मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी संजय कुमार त्रिपाठी (एडीजीसी) और मुगलसराय थाने के पैरोकार हेड कांस्टेबल अश्वनी राय की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।





















