225 उद्यमियों ने किए रामलला के दर्शन, स्वाती मिश्रा के भजनों ने बांधा समा
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में शुक्रवार को भक्ति, संगीत और संस्कृति का अनुपम संगम देखने को मिला। विजयवाड़ा इलेक्ट्रिकल डीलर्स एसोसिएशन (वेडा) के “डिवाइन वाराणसी-अयोध्या टूर” के तहत 225 सदस्यीय श्रद्धालु दल ने श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन कर आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की। इसके बाद आयोजित भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रम में श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में सराबोर रहे।
श्रीरामलला के दर्शन के बाद भजन संध्या का आयोजन
श्रद्धालुओं ने सबसे पहले श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया। इसके बाद एक होटल में आयोजित भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायिका स्वाती मिश्रा ने श्रीराम भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। उनकी मधुर आवाज़ पर श्रद्धालु झूम उठे और पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा।
वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति ने किया भावविभोर
कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति से हुआ। उन्होंने भगवान श्रीराम के आदर्श, त्याग और मर्यादा पर आधारित रचनाओं का पाठ कर उपस्थित श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
सनातन संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम: महंत संजय दास
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास ने कहा कि ऐसे आयोजन सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी तक उसके संस्कार पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने वेडा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल दर्शन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करती हैं।
इस अवसर पर निर्मोही अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत मुरलीदास भी मौजूद रहे।
काशी से अयोध्या तक आध्यात्मिक यात्रा
वेडा के अध्यक्ष रमेश जैन ने बताया कि 225 सदस्यीय दल ने सबसे पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और गंगा आरती में शामिल हुआ। इसके बाद अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन किए। उन्होंने कहा कि रामनगरी का आध्यात्मिक वातावरण सभी श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की अविस्मरणीय स्मृति बन गया।
कार्यक्रम में वेडा के उपाध्यक्ष अशोक जैन, सचिव तमन्ना, ओमप्रकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में संगठन के पदाधिकारी और श्रद्धालु उपस्थित रहे।







