शव ठिकाने लगाने में दोस्त और स्टाफ नर्स ने दिया साथ
उन्नाव/पाटन। उन्नाव पुलिस ने बिहार-मौरावां मार्ग पर मिले महिला के शव की गुत्थी सुलझाने का दावा करते हुए हत्या का सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, महिला की हत्या उसके प्रेमी प्रॉपर्टी डीलर ने की थी। शव को ठिकाने लगाने में उसके एक दोस्त और परिचित स्टाफ नर्स ने सहयोग किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
छह जुलाई को मिला था महिला का शव
पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने बताया कि 6 जुलाई को बिहार-मौरावां मार्ग स्थित केदारखेड़ा नहर पुलिया के पास एक महिला का शव मिला था। पोस्टमार्टम में सिर पर गंभीर चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई थी। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर बिहार थाना पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया।
सीसीटीवी फुटेज से खुला हत्या का राज
जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। एक संदिग्ध कार की पहचान होने के बाद पुलिस लखनऊ के राजाजीपुरम पहुंची। वहां एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में 5 जुलाई की रात एक महिला स्टाफ नर्स को कार में बैठते और तड़के वापस उतरते देखा गया।
इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने पूछताछ की, जिसके बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ।
प्रेमी ने दोस्त के साथ मिलकर ठिकाने लगाया शव
पुलिस के मुताबिक, लखनऊ के कृष्णानगर थाना क्षेत्र के सरदारीखेड़ा निवासी राधाकांत दुबे उर्फ कुक्कू ने अपनी महिला मित्र जूली (40) की हत्या कर दी थी। शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने साथी उमेशचंद्र यादव की कार का इस्तेमाल किया। रास्ते में किसी को शक न हो, इसलिए केजीएमयू में संविदा पर कार्यरत स्टाफ नर्स सुमन वर्मा को भी साथ ले जाया गया।
पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है।
ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर हत्या का आरोप
सीओ मधुपनाथ मिश्रा के अनुसार, पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि घर बनवाने के दौरान उसकी जूली से नजदीकियां बढ़ीं। बाद में महिला कथित रूप से आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल करने लगी तथा घर में हिस्सेदारी और साथ रहने का दबाव बना रही थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने 5 जुलाई को महिला को एक खाली मकान में बुलाया, जहां कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक में नींद की दवा मिलाकर पिलाई और बेहोश होने पर ईंट से सिर पर वार कर उसकी हत्या कर दी।
नोट: यह घटनाक्रम पुलिस द्वारा पूछताछ में आरोपियों के कथित बयानों पर आधारित है। इसकी पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों के आधार पर होगी।
दोनों मुख्य आरोपी पहले से हैं उम्रकैद की सजा पाए
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी राधाकांत दुबे और उसका साथी उमेशचंद्र यादव पहले भी अलग-अलग हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा पा चुके हैं और वर्तमान में हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर थे।
राधाकांत के खिलाफ हत्या, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट सहित 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि उमेशचंद्र पर विभिन्न थानों में सात मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस टीम को मिलेगा 50 हजार रुपये का पुरस्कार
एसपी ने बताया कि इस हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम को पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) की ओर से 50 हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।







