बाराबंकी। लखनऊ-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग पर करोड़ों रुपये की लागत से लगाई गई स्ट्रीट लाइटें इन दिनों शोपीस बनकर रह गई हैं। स्थिति यह है कि कई स्थानों पर लाइटें दिन के समय जलती दिखाई देती हैं, जबकि रात होते ही पूरा मार्ग अंधेरे में डूब जाता है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हाईवे के रसौली, उधौली और कोटवा क्षेत्र में अधिकांश स्ट्रीट लाइटें कई दिनों से बंद पड़ी हैं। तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर पर्याप्त रोशनी न होने से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। रामसनेहीघाट को अयोध्या का प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसे में यहां पसरा अंधेरा श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए भी परेशानी का कारण बन रहा है।
इन क्षेत्रों के ओवरब्रिजों पर भी स्ट्रीट लाइटें लगी हैं, लेकिन अधिकांश लंबे समय से खराब हैं। हाईवे किनारे रहने वाले ग्रामीणों का कहना है कि पैदल राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति अधिक गंभीर है। अंधेरे के कारण सामने से आने वाले वाहन देर से दिखाई देते हैं, जिससे हादसों की आशंका बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से स्ट्रीट लाइटों को शीघ्र दुरुस्त कराने की मांग की है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि रात में हाईवे अंधेरे में डूबा रहे तो यह व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
इस संबंध में एसडीओ प्रवेश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों से समन्वय किया जाएगा और खराब स्ट्रीट लाइटों को जल्द चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।







