लखनऊ। अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड मामले में गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने शासन को सौंपी गई रिपोर्ट में 7 आईएएस और 9 पीसीएस अधिकारियों समेत बड़ी संख्या में इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है।
सूत्रों के मुताबिक, वर्ष 2016 से 2024 के बीच Lucknow Development Authority में तैनात रहे अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में लाई गई है। रिपोर्ट में अवैध भवन निर्माण के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही गई है। मौजूदा नगर आयुक्त Gaurav Kumar समेत कई अधिकारियों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल बताए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि एलडीए ने 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची एसआईटी को उपलब्ध कराई थी। इनमें 14 अधिशासी एवं सहायक अभियंता और 52 अवर अभियंताओं की भूमिका की भी जांच की गई। सूत्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में इंजीनियरों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही आरोपित अधिकारियों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा जाएगा। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। जांच टीम ने घटनास्थल का दो बार निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों व अन्य लोगों के बयान दर्ज किए।
गौरतलब है कि 22 जून को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक अवैध बहुमंजिला भवन में भीषण आग लग गई थी। भवन में गेमिंग जोन के साथ कई कार्यालय संचालित हो रहे थे। मामले में भवन स्वामी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल समेत चार आरोपियों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है, जबकि आरोपी सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।
इससे पहले शासन इस प्रकरण में चार इंजीनियरों और एक सुपरवाइजर को निलंबित कर चुका है। अब एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई होने की संभावना है।








