निष्पक्ष जांच की मांग
जगदीशपुर (अमेठी)। क्षेत्र के ग्राम सभा बनभरिया में भूमि विवाद एक बार फिर चर्चा में है। कमरौली निवासी सिराज मोहम्मद ने अपने ऊपर लगाए गए जमीन की खरीद-फरोख्त प्रभावित करने के आरोपों का खंडन करते हुए स्थानीय विधायक और चकबंदी विभाग के अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि तथा चकबंदी विभाग के कुछ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सिराज मोहम्मद का आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चकबंदी विभाग के कुछ अधिकारियों की कथित मिलीभगत से ग्राम सभा की भूमि तथा गाटा संख्या 710, 705 और 1390 सहित अन्य भूखंडों पर फर्जी अमलदरामद कराकर अपने लोगों के नाम बैनामे करा दिए। उनका कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
प्रार्थना पत्र में उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ माहौल बनाने के उद्देश्य से प्रधान प्रतिनिधि ने ग्राम सभा और आसपास के कुछ लोगों पर चकबंदी विभाग में शिकायत कराने का दबाव बनाया। सिराज का कहना है कि उनके विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने गाटा संख्या 1417/1, 1417/2 और 1417/3 का उल्लेख करते हुए दावा किया कि पुराने राजस्व अभिलेखों में यह भूमि ग्राम सभा के नाम दर्ज है, लेकिन संबंधित अभिलेखों को अब तक निरस्त नहीं किया गया। उन्होंने पूरे प्रकरण में संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
सिराज मोहम्मद ने दावा किया कि गाटा संख्या 710 पर उन्हें लगभग 10 वर्ष पहले वैध कब्जा मिला था तथा 25 मई 2026 को राजस्व और चकबंदी विभाग की संयुक्त टीम ने दोबारा उन्हें कब्जा दिलाया। इसके बावजूद उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधान प्रतिनिधि और उनके सहयोगियों ने जबरन कब्जा करने, पक्की बाउंड्री तोड़ने तथा शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
सिराज मोहम्मद ने बताया कि उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज, फोटोग्राफ और अन्य अभिलेख स्थानीय विधायक तथा विभागीय अधिकारियों को सौंप दिए हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।








