अयोध्या। जिला अस्पताल से सामने आई एक तस्वीर ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल तस्वीरों और वीडियो में एक लावारिस मरीज को अस्पताल परिसर में फर्श पर घसीटते हुए ले जाते देखा जा रहा है। मरीज के साथ इस तरह का व्यवहार सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं, खासकर लावारिस मरीजों की देखभाल और उन्हें स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध कराने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए स्ट्रेचर, व्हीलचेयर और पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि किसी असहाय मरीज को इस तरह फर्श पर न ले जाना पड़े। घटना के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी और जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की भूमिका को लेकर भी जवाबदेही की मांग उठ रही है।
स्वास्थ्य मंत्री एवं डिप्टी सीएम से भी इस मामले में कार्रवाई और अस्पताल की व्यवस्थाओं की जांच की मांग की जा रही है। सवाल यह भी उठ रहा है कि अस्पतालों के औचक निरीक्षण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावों के बीच जिला अस्पताल में ऐसी स्थिति कैसे सामने आई। हालांकि, मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखना होगा कि वायरल वीडियो और तस्वीरों का संज्ञान लेकर स्वास्थ्य विभाग या जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करता है। साथ ही यह भी अहम होगा कि मरीज को फर्श पर ले जाने की नौबत क्यों आई और उस समय अस्पताल में स्ट्रेचर, व्हीलचेयर या वार्ड बॉय की उपलब्धता की क्या स्थिति थी। घटना ने सरकारी अस्पतालों में लावारिस और असहाय मरीजों की देखभाल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।





















