सरयू घाट पर मारपीट का आरोप, पहले दर्ज मामलों का भी दिया हवाला
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में नरहन स्टेट मंदिर के महंत रामनयन दास ने एक बार फिर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। महंत ने आरोप लगाया है कि सरयू घाट पर उनके साथ मारपीट की गई, जबकि इससे पहले भी वह कई मामलों में शिकायत दर्ज करा चुके हैं। ताजा प्रकरण के बाद उन्होंने प्रशासन से आरोपियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
सुबह सरयू घाट पर हुई घटना का आरोप
महंत रामनयन दास के अनुसार 18 जून की सुबह करीब 3:30 बजे वह रोज की तरह सरयू तट पर स्नान और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट की। शिकायत में सिर पर चोट लगने और जान से मारने की धमकी देने का भी उल्लेख किया गया है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद कोतवाली अयोध्या पुलिस ने एफआईआर संख्या 467/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
पुराने मामलों का भी किया जिक्र
महंत का कहना है कि इससे पहले भी उनके द्वारा दो अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज कराए गए थे। उनका आरोप है कि पूर्व में दर्ज मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बढ़े हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार शिकायतों के बावजूद यदि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं की गई तो भविष्य में गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
प्रशासन से की सुरक्षा की मांग
महंत रामनयन दास ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है। उनका कहना है कि धार्मिक गतिविधियों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े होने के कारण उन्हें पर्याप्त सुरक्षा मिलनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो वह उच्च स्तर पर अपनी बात रखने का प्रयास करेंगे।
पुलिस जांच जारी, आधिकारिक बयान का इंतजार
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा का माहौल है। वहीं साधु-संत समुदाय भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। समाचार लिखे जाने तक प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
जांच के नतीजों पर टिकी निगाहें
यह मामला केवल एक एफआईआर तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे महंत द्वारा उठाए जा रहे सुरक्षा संबंधी सवाल भी जुड़ गए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।







