अतिक्रमण हटाने और संरक्षण की उठी मांग
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या के नंदीग्राम स्थित भरतकुंड में रविवार से महंत परमात्मा दास महाराज के नेतृत्व में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू हो गया। यह आंदोलन भरतजी की तपोभूमि पर स्थित कुलदेवी मंदिर से भरतकुंड तक जाने वाले मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा भरतकुंड के पौराणिक और ऐतिहासिक स्वरूप के संरक्षण की मांग को लेकर किया जा रहा है।
अनशन स्थल पर लगाए गए बैनर के अनुसार, भरतजी की कुलदेवी मंदिर से भरतकुंड तक के मार्ग से अतिक्रमण हटाने और प्राचीन भरत गुफा मंदिर परिसर के संरक्षण एवं विकास की मांग को लेकर 2 अगस्त 2026 से शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया गया है।
महंत परमात्मा दास महाराज ने कहा कि भरतकुंड भगवान श्रीराम के अनुज भरत की तपोस्थली है, जिसका धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया और इस पवित्र स्थल के संरक्षण के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इसकी गरिमा प्रभावित हो सकती है।
अनशन में बड़ी संख्या में भरत भक्त और स्थानीय श्रद्धालु भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और भरतकुंड के संरक्षण के लिए ठोस कार्रवाई करने की मांग की।
अनशनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहेगा।







