ओडीओसी फूड कोर्ट में पहली बार सजा मेरठ का पारंपरिक स्वाद; रेवड़ी, गजक और नानखटाई चखने के साथ खरीदारों ने पैकिंग, कीमत और कारोबार की भी ली जानकारी
ग्रेटर नोएडा। मेरठ की मशहूर रेवड़ी और गजक की मिठास अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहुंच गई है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो मार्ट में शुक्रवार से शुरू हुए उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में ओडीओसी फूड कोर्ट में मेरठ के पारंपरिक खाद्य उत्पादों ने देशी-विदेशी मेहमानों का ध्यान खींचा। स्टाल पर पहुंचे विदेशी मेहमानों ने रेवड़ी, गजक और नानखटाई का स्वाद लिया। पहली बार इन पारंपरिक स्वादों से रूबरू हुए कई मेहमानों ने उत्पादों की जानकारी लेने के साथ उनकी सराहना की। स्वाद चखने के बाद कई लोगों की जुबां से निकला-वाह, मेरठ!
25 से 29 सितंबर तक चलने वाले ट्रेड शो में पहली बार एक जनपद एक व्यंजन (ओडीओसी) के लिए विशेष फूड कोर्ट बनाया गया है। इसका उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को स्थानीय बाजार से निकालकर देश-विदेश के खरीदारों तक पहुंचाना है।
रेवड़ी-गजक ने खींचा खरीदारों का ध्यान
मेरठ के स्टाल पर रेवड़ी और गजक की खुशबू ने आगंतुकों को आकर्षित किया। देश के विभिन्न हिस्सों से आए कारोबारियों ने उत्पाद चखने के साथ कीमत, पैकिंग और बाजार में उपलब्धता की जानकारी ली। विदेशी प्रतिनिधियों ने भी रेवड़ी और गजक का स्वाद लिया। नानखटाई ने भी लोगों की रुचि बढ़ाई।
तीन उद्यमियों को मिला मौका
ओडीओसी के तहत मेरठ से तीन फर्मों का चयन किया गया है। इनमें एमएच स्वीट सेंटर के हाशिम, स्वीट शॉप के सद्दाम और रेवड़ी-गजक उत्पादक यामीन शामिल हैं। उद्यमियों को ट्रेड शो में निःशुल्क स्टाल उपलब्ध कराया गया है, जहां वे उत्पादों के प्रदर्शन और बिक्री के साथ संभावित खरीदारों से कारोबारी संपर्क भी कर रहे हैं।
स्वाद के साथ कारोबार की तलाश
विक्रेता सद्दाम ने बताया कि देश के साथ विदेश से आए लोगों ने भी रेवड़ी और गजक का स्वाद लिया। कई लोगों ने उत्पाद तैयार करने, पैकिंग और बाजार की जानकारी ली। यामीन के अनुसार, लोगों की उत्सुकता से नए बाजार मिलने की उम्मीद बढ़ी है। वहीं हाशिम ने बताया कि मेरठ की नानखटाई को भी पहली बार इतने बड़े मंच पर देशी-विदेशी खरीदारों के सामने रखने का अवसर मिला है।
उपायुक्त उद्योग अमरेश पांडे ने बताया कि चयनित उद्यमियों को निःशुल्क स्टाल दिया गया है। यहां वे उत्पादों की बिक्री और प्रदर्शन के साथ संभावित खरीदारों से सीधे कारोबारी संपर्क बना रहे हैं। इससे मेरठ के पारंपरिक खाद्य उत्पादों को नए बाजार मिलने की संभावना बढ़ी है।




















