बलरामपुर। जनपद के श्रीदत्तगंज थाना क्षेत्र स्थित चमरूपुर महदेइयां इंडियन बैंक शाखा में ग्राहक की एफडी पर उसकी जानकारी के बिना 19.80 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत करने के मामले में पुलिस ने फरार चल रहे पूर्व शाखा प्रबंधक को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में सहायक शाखा प्रबंधक की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, उतरौला कोतवाली क्षेत्र के नया नगर बिशुनपुर निवासी जनार्दन सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने जमीन बेचकर प्राप्त 22 लाख रुपये इंडियन बैंक की चमरूपुर महदेइयां शाखा में जमा किए थे। आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार पासवान और सहायक शाखा प्रबंधक निखिल कुमार पासवान ने उन्हें एफडी कराने के लिए प्रेरित किया।
शिकायत के मुताबिक, बाद में दोनों अधिकारियों ने कथित रूप से मिलीभगत कर एफडी के विरुद्ध 19 लाख 80 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया। आरोप है कि यह प्रक्रिया खाताधारक की जानकारी और सहमति के बिना पूरी की गई।
जांच में सही पाए गए आरोप
मामले की जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए, जिसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के क्रम में सहायक शाखा प्रबंधक निखिल कुमार पासवान को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।
गोरखपुर से हुई गिरफ्तारी
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत पुलिस टीम ने फरार चल रहे पूर्व शाखा प्रबंधक दिनेश कुमार पासवान को गोरखपुर जनपद से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
पूछताछ में क्या बोला आरोपी?
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बैंक का लक्ष्य (टारगेट) पूरा करने के उद्देश्य से खाताधारक की एफडी के विरुद्ध ऋण स्वीकृत किया गया था। हालांकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है और पुलिस अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है तथा बैंकिंग प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं की भी जांच जारी है।
बैंकिंग भरोसे में सेंध: ग्राहक की एफडी पर चुपके से निकाला 19.80 लाख का लोन, पूर्व शाखा प्रबंधक गिरफ्तार





