भेजा गया जेल
सरोजनीनगर (लखनऊ)। बिजनौर थाना पुलिस ने जमीन की फर्जी रजिस्ट्री और धोखाधड़ी के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे एक प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट (एनबीडब्ल्यू) भी जारी था।
पुलिस के अनुसार, काकोरी क्षेत्र की निवासी जयश्री ने जुलाई 2025 में बिजनौर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि अभिषेक शील श्रीवास्तव, निवासी गायत्री नगर, देवपुर (पारा), ने उनके पति प्रेम शंकर को शराब पिलाकर 4 अप्रैल 2024 को धोखे से कई खसरा नंबरों की जमीन की रजिस्ट्री करा ली।
जांच में सामने आया कि उक्त जमीन की रजिस्ट्री महाराष्ट्र और बिहार के विभिन्न लोगों के नाम कराई गई। इसके बाद 8 अप्रैल को उसी जमीन को मानक नगर निवासी विनोद कुमार के नाम बेच दिया गया। आरोप है कि आरोपी ने एक खसरा नंबर की अलग से फर्जी रजिस्ट्री भी कराई। विरोध करने पर पीड़िता को जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत बिजनौर थाना प्रभारी कपिल गौतम के नेतृत्व में गठित टीम ने मुखबिर की सूचना पर काकोरी स्थित आशीष डेवलपर्स के कार्यालय से आरोपी अभिषेक शील श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह प्रॉपर्टी डीलिंग का कारोबार करता है और विवादित जमीन पर प्लॉट विकसित कर कई लोगों के नाम रजिस्ट्री कर हेराफेरी की।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ लखनऊ के पीजीआई, पारा, काकोरी और बिजनौर थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य मामलों के पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है, जबकि मामले के अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।







